पंचांग · सोमवार, 18 अप्रैल 2022जयपुर

चैत्र · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2079

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:00सूर्योदय18:53सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 19:24 तक
नक्षत्र
विशाखा
03:38, 19 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0018:53
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:37 –09:13
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:00दिन18:53
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:53रात05:59
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    19:24 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    16:39, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    03:38, 19 अप्रैल तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    01:39, 20 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्धि
    20:23 तक
  2. व्यतीपात
    17:01, 19 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    08:44 तक
  2. गर
    19:24 तक
  3. वणिज
    06:02, 19 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:00
बिंब मध्य 06:04
सूर्यास्त
18:53
बिंब मध्य 18:48
चंद्रोदय
20:43
चंद्रास्त
07:00
दिनमान
12h 53m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
तुला
22:08 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:31 –05:16
  • प्रातः संध्या04:54 –06:00
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:52
  • विजय मुहूर्त14:35 –15:27
  • गोधूलि मुहूर्त18:53 –19:15
  • सायाह्न संध्या18:53 –19:59
  • निशीथ मुहूर्त00:04 –00:48, 19 अप्रैल
  • अमृत काल19:33 –21:01
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:37 –09:13
  • यमगंड10:50 –12:26
  • गुलिक काल14:03 –15:39
  • दुर्मुहूर्त12:52 –13:44
  • दुर्मुहूर्त15:27 –16:18
  • वर्ज्य10:43 –12:11

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:00 – 07:37
  • कालहानि07:37 – 09:13
  • शुभशुभ09:13 – 10:50
  • रोगअनिष्ट10:50 – 12:26
  • उद्वेगअशुभ12:26 – 14:03
  • चरसम14:03 – 15:39
  • लाभलाभ15:39 – 17:16
  • अमृतश्रेष्ठ17:16 – 18:53
रात
  • चरसम18:53 – 20:16
  • रोगअनिष्ट20:16 – 21:39
  • कालहानि21:39 – 23:03
  • लाभलाभ23:03 – 00:26
  • उद्वेगअशुभ00:26 – 01:49
  • शुभशुभ01:49 – 03:13
  • अमृतश्रेष्ठ03:13 – 04:36
  • चरसम04:36 – 05:59

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:00–07:05
शनि07:05–08:09
गुरु08:09–09:13
मंगल09:13–10:18
सूर्य10:18–11:22
शुक्र11:22–12:26
बुध12:26–13:31
चन्द्र13:31–14:35
शनि14:35–15:39
गुरु15:39–16:44
मंगल16:44–17:48
सूर्य17:48–18:53
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:53–19:48
बुध19:48–20:44
चन्द्र20:44–21:39
शनि21:39–22:35
गुरु22:35–23:30
मंगल23:30–00:26
सूर्य00:26–01:22
शुक्र01:22–02:17
बुध02:17–03:13
चन्द्र03:13–04:08
शनि04:08–05:04
गुरु05:04–05:59

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 1 पद11:06 तक
  • विशाखा 2 पद16:37 तक
  • विशाखा 3 पद22:08 तक
  • विशाखा 4 पद03:38, 19 अप्रैल तक
  • अनुराधा 1 पद09:09, 19 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 53m
रात्रिमान
11h 6m
मध्याह्न
12:26

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 22:08 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 03:38, 19 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 22:08 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:24 तकआकाश
शिववास
सभा में · 19:24 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:00 –07:29
  • मृत्यु पंचक07:29 –09:25
  • अग्नि पंचक09:25 –11:40
  • शुभ मुहूर्त11:40 –13:59
  • राज पंचक13:59 –16:14
  • शुभ मुहूर्त16:14 –18:29
  • चोर पंचक18:29 –19:24
  • शुभ मुहूर्त19:24 –20:46
  • रोग पंचक20:46 –23:04
  • शुभ मुहूर्त23:04 –01:09, 19 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:09 –02:52, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक02:52 –03:38, 19 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:38 –04:22, 19 अप्रैल
  • राज पंचक04:22 –05:48, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:48 –05:59, 19 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:52 –07:29
  • वृषभ07:29 –09:25
  • मिथुन09:25 –11:40
  • कर्क11:40 –13:59
  • सिंह13:59 –16:14
  • कन्या16:14 –18:29
  • तुला18:29 –20:46
  • वृश्चिक20:46 –23:04
  • धनु23:04 –01:09, 19 अप्रैल
  • मकर01:09 –02:52, 19 अप्रैल
  • कुम्भ02:52 –04:22, 19 अप्रैल
  • मीन04:22 –05:48, 19 अप्रैल
  • मेष05:48 –07:25, 19 अप्रैल

पंचांग · जयपुर, 18 अप्रैल 2022

सोमवार, 18 अप्रैल 2022 को जयपुर में सूर्योदय 06:00 और सूर्यास्त 18:53 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र विशाखा 19 अप्रैल 03:38 तक, फिर अनुराधा; योग सिद्धि 20:23 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 08:44 तक, फिर गर। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:37–09:13, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 18 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:00, जयपुर)।

18 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 19 अप्रैल 03:38 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 22:08 तक।

जयपुर में 18 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:37–09:13, यमगण्ड 10:50–12:26, गुलिक काल 14:03–15:39।

जयपुर में 18 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:53, चंद्रोदय 20:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52, ब्रह्म मुहूर्त 04:31–05:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1685° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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