पंचांग · गुरुवार, 4 नवंबर 2021जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- अमावस्या02:44, 5 नव॰ तक
- शुक्ल प्रतिपदा23:14, 5 नव॰ तक
- चित्रास्वामी मंगल07:42 तक
- स्वातीस्वामी राहु05:07, 5 नव॰ तक
- विशाखास्वामी गुरु02:23, 6 नव॰ तक
- प्रीति11:10 तक
- आयुष्मान्07:12, 5 नव॰ तक
- चतुष्पाद16:26 तक
- नाग02:44, 5 नव॰ तक
- किंस्तुघ्न13:00, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:39बिंब मध्य 06:42
- सूर्यास्त
- 17:42बिंब मध्य 17:37
- चंद्रोदय
- 05:45
- चंद्रास्त
- 17:27
- दिनमान
- 11h 3m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- तुला21:04, 5 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2078
- शक संवत
- 1943
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:47
- प्रातः संध्या05:21 –06:39
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
- विजय मुहूर्त14:01 –14:45
- गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
- सायाह्न संध्या17:42 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:37, 5 नव॰
- अमृत काल21:16 –22:42
- राहु काल13:33 –14:56
- यमगंड06:39 –08:01
- गुलिक काल09:24 –10:47
- दुर्मुहूर्त10:20 –11:04
- दुर्मुहूर्त14:45 –15:29
- वर्ज्य12:42 –14:08
चौघड़िया
- शुभशुभ06:39 – 08:01
- रोगअनिष्ट08:01 – 09:24
- उद्वेगअशुभ09:24 – 10:47
- चरसम10:47 – 12:10
- लाभलाभ12:10 – 13:33
- अमृतश्रेष्ठ13:33 – 14:56
- कालहानि14:56 – 16:19
- शुभशुभ16:19 – 17:42
- अमृतश्रेष्ठ17:42 – 19:19
- चरसम19:19 – 20:56
- रोगअनिष्ट20:56 – 22:33
- कालहानि22:33 – 00:11
- लाभलाभ00:11 – 01:48
- उद्वेगअशुभ01:48 – 03:25
- शुभशुभ03:25 – 05:02
- अमृतश्रेष्ठ05:02 – 06:39
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:39–07:34 |
| मंगल | 07:34–08:29 |
| सूर्य | 08:29–09:24 |
| शुक्र | 09:24–10:20 |
| बुध | 10:20–11:15 |
| चन्द्र | 11:15–12:10 |
| शनि | 12:10–13:06 |
| गुरु | 13:06–14:01 |
| मंगल | 14:01–14:56 |
| सूर्य | 14:56–15:51 |
| शुक्र | 15:51–16:47 |
| बुध | 16:47–17:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:42–18:47 |
| शनि | 18:47–19:51 |
| गुरु | 19:51–20:56 |
| मंगल | 20:56–22:01 |
| सूर्य | 22:01–23:06 |
| शुक्र | 23:06–00:11 |
| बुध | 00:11–01:15 |
| चन्द्र | 01:15–02:20 |
| शनि | 02:20–03:25 |
| गुरु | 03:25–04:30 |
| मंगल | 04:30–05:34 |
| सूर्य | 05:34–06:39 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- चित्रा 4 पद07:42 तक
- स्वाती 1 पद13:05 तक
- स्वाती 2 पद18:27 तक
- स्वाती 3 पद23:47 तक
- स्वाती 4 पद05:07, 5 नव॰ तक
- विशाखा 1 पद10:27, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 3m
- रात्रिमान
- 12h 57m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:44, 5 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 02:44, 5 नव॰ तकश्मशान में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:39 –07:39
- शुभ मुहूर्त07:39 –07:42
- राज पंचक07:42 –09:57
- शुभ मुहूर्त09:57 –12:01
- चोर पंचक12:01 –13:45
- शुभ मुहूर्त13:45 –15:14
- रोग पंचक15:14 –16:41
- चोर पंचक16:41 –18:18
- शुभ मुहूर्त18:18 –20:14
- रोग पंचक20:14 –22:28
- शुभ मुहूर्त22:28 –00:47, 5 नव॰
- मृत्यु पंचक00:47 –02:44, 5 नव॰
- रोग पंचक02:44 –03:03, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त03:03 –05:07, 5 नव॰
- मृत्यु पंचक05:07 –05:17, 5 नव॰
- अग्नि पंचक05:17 –06:39, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:21 –07:39
- वृश्चिक07:39 –09:57
- धनु09:57 –12:01
- मकर12:01 –13:45
- कुम्भ13:45 –15:14
- मीन15:14 –16:41
- मेष16:41 –18:18
- वृषभ18:18 –20:14
- मिथुन20:14 –22:28
- कर्क22:28 –00:47, 5 नव॰
- सिंह00:47 –03:03, 5 नव॰
- कन्या03:03 –05:17, 5 नव॰
- तुला05:17 –07:35, 5 नव॰
पंचांग · जयपुर, 4 नवंबर 2021
गुरुवार, 4 नवंबर 2021 को जयपुर में सूर्योदय 06:39 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि अमावस्या 5 नवंबर 02:44 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र चित्रा 07:42 तक, फिर स्वाती; योग प्रीति 11:10 तक, फिर आयुष्मान्; करण चतुष्पाद 16:26 तक, फिर नाग। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:33–14:56, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 4 नवंबर 2021 को कौन सी तिथि है?
अमावस्या 5 नवंबर 02:44 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 06:39, जयपुर)।
4 नवंबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?
चित्रा 07:42 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा तुला राशि में 5 नवंबर 21:04 तक।
जयपुर में 4 नवंबर 2021 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:33–14:56, यमगण्ड 06:39–08:01, गुलिक काल 09:24–10:47।
जयपुर में 4 नवंबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 05:45 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 नवंबर 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दीपावली (लक्ष्मी पूजा), अमावस्या।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1622° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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