पंचांग · बुधवार, 3 नवंबर 2021जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण त्रयोदशी09:02 तक
- कृष्ण चतुर्दशी06:03, 4 नव॰ तक
- अमावस्या02:44, 5 नव॰ तक
- हस्तस्वामी चन्द्र09:58 तक
- चित्रास्वामी मंगल07:42, 4 नव॰ तक
- विष्कुम्भ14:53 तक
- प्रीति11:10, 4 नव॰ तक
- वणिज09:02 तक
- विष्टि19:36 तक
- शकुनि06:03, 4 नव॰ तक
- चतुष्पाद16:26, 4 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:38बिंब मध्य 06:41
- सूर्यास्त
- 17:43बिंब मध्य 17:38
- चंद्रोदय
- 04:40
- चंद्रास्त
- 16:48
- दिनमान
- 11h 5m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कन्या20:53 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2078
- शक संवत
- 1943
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:46
- प्रातः संध्या05:20 –06:38
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
- विजय मुहूर्त14:01 –14:45
- गोधूलि मुहूर्त17:43 –18:08
- सायाह्न संध्या17:43 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 4 नव॰
- अमृत काल01:55 –03:22, 4 नव॰
- राहु काल12:10 –13:33
- यमगंड08:01 –09:24
- गुलिक काल10:47 –12:10
- दुर्मुहूर्त11:48 –12:32
- वर्ज्य17:13 –18:40
- भद्रा09:02 –19:36
चौघड़िया
- लाभलाभ06:38 – 08:01
- अमृतश्रेष्ठ08:01 – 09:24
- कालहानि09:24 – 10:47
- शुभशुभ10:47 – 12:10
- रोगअनिष्ट12:10 – 13:33
- उद्वेगअशुभ13:33 – 14:56
- चरसम14:56 – 16:20
- लाभलाभ16:20 – 17:43
- उद्वेगअशुभ17:43 – 19:20
- शुभशुभ19:20 – 20:57
- अमृतश्रेष्ठ20:57 – 22:34
- चरसम22:34 – 00:11
- रोगअनिष्ट00:11 – 01:48
- कालहानि01:48 – 03:25
- लाभलाभ03:25 – 05:02
- उद्वेगअशुभ05:02 – 06:39
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:38–07:33 |
| चन्द्र | 07:33–08:29 |
| शनि | 08:29–09:24 |
| गुरु | 09:24–10:19 |
| मंगल | 10:19–11:15 |
| सूर्य | 11:15–12:10 |
| शुक्र | 12:10–13:06 |
| बुध | 13:06–14:01 |
| चन्द्र | 14:01–14:56 |
| शनि | 14:56–15:52 |
| गुरु | 15:52–16:47 |
| मंगल | 16:47–17:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:43–18:47 |
| शुक्र | 18:47–19:52 |
| बुध | 19:52–20:57 |
| चन्द्र | 20:57–22:01 |
| शनि | 22:01–23:06 |
| गुरु | 23:06–00:11 |
| मंगल | 00:11–01:15 |
| सूर्य | 01:15–02:20 |
| शुक्र | 02:20–03:25 |
| बुध | 03:25–04:29 |
| चन्द्र | 04:29–05:34 |
| शनि | 05:34–06:39 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- हस्त 4 पद09:58 तक
- चित्रा 1 पद15:27 तक
- चित्रा 2 पद20:53 तक
- चित्रा 3 पद02:19, 4 नव॰ तक
- चित्रा 4 पद07:42, 4 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 5m
- रात्रिमान
- 12h 56m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 20:53 तकपश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 09:02 तकपाताल · 06:03, 4 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 09:02 तकश्मशान में · 06:03, 4 नव॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:38 –07:43
- रोग पंचक07:43 –09:02
- शुभ मुहूर्त09:02 –09:58
- मृत्यु पंचक09:58 –10:01
- अग्नि पंचक10:01 –12:05
- शुभ मुहूर्त12:05 –13:49
- राज पंचक13:49 –15:18
- शुभ मुहूर्त15:18 –18:22
- राज पंचक18:22 –20:18
- शुभ मुहूर्त20:18 –22:32
- चोर पंचक22:32 –00:51, 4 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:51 –03:07, 4 नव॰
- रोग पंचक03:07 –05:21, 4 नव॰
- शुभ मुहूर्त05:21 –06:03, 4 नव॰
- मृत्यु पंचक06:03 –06:39, 4 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:25 –07:43
- वृश्चिक07:43 –10:01
- धनु10:01 –12:05
- मकर12:05 –13:49
- कुम्भ13:49 –15:18
- मीन15:18 –16:45
- मेष16:45 –18:22
- वृषभ18:22 –20:18
- मिथुन20:18 –22:32
- कर्क22:32 –00:51, 4 नव॰
- सिंह00:51 –03:07, 4 नव॰
- कन्या03:07 –05:21, 4 नव॰
- तुला05:21 –07:39, 4 नव॰
पंचांग · जयपुर, 3 नवंबर 2021
बुधवार, 3 नवंबर 2021 को जयपुर में सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:43 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 09:02 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र हस्त 09:58 तक, फिर चित्रा; योग विष्कुम्भ 14:53 तक, फिर प्रीति; करण वणिज 09:02 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:10–13:33, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 3 नवंबर 2021 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण त्रयोदशी 09:02 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:38, जयपुर)।
3 नवंबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?
हस्त 09:58 तक, फिर चित्रा। चंद्रमा कन्या राशि में 20:53 तक।
जयपुर में 3 नवंबर 2021 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:10–13:33, यमगण्ड 08:01–09:24, गुलिक काल 10:47–12:10।
जयपुर में 3 नवंबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:43, चंद्रोदय 04:40 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 नवंबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:46। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
3 नवंबर 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1622° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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