पंचांग · बुधवार, 20 अक्टूबर 2032अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया19:38 तक
- कृष्ण तृतीया18:04, 21 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र18:21 तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य17:27, 21 अक्टू॰ तक
- सिद्धि23:38 तक
- व्यतीपात21:17, 21 अक्टू॰ तक
- तैतिल08:40 तक
- गर19:38 तक
- वणिज06:46, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:04बिंब मध्य 06:07
- सूर्यास्त
- 17:28बिंब मध्य 17:24
- चंद्रोदय
- 18:46
- चंद्रास्त
- 07:25
- दिनमान
- 11h 24m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मेष00:04, 21 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:13
- प्रातः संध्या04:48 –06:04
- अभिजित मुहूर्त11:23 –12:09
- विजय मुहूर्त13:40 –14:25
- गोधूलि मुहूर्त17:28 –17:53
- सायाह्न संध्या17:28 –18:44
- निशीथ मुहूर्त23:21 –00:11, 21 अक्टू॰
- अमृत काल13:51 –15:21
- राहु काल11:46 –13:11
- यमगंड07:29 –08:55
- गुलिक काल10:20 –11:46
- दुर्मुहूर्त11:23 –12:09
- वर्ज्य04:50 –06:20
- वर्ज्य05:54 –07:26, 21 अक्टू॰
चौघड़िया
- लाभलाभ06:04 – 07:29
- अमृतश्रेष्ठ07:29 – 08:55
- कालहानि08:55 – 10:20
- शुभशुभ10:20 – 11:46
- रोगअनिष्ट11:46 – 13:11
- उद्वेगअशुभ13:11 – 14:37
- चरसम14:37 – 16:02
- लाभलाभ16:02 – 17:28
- उद्वेगअशुभ17:28 – 19:02
- शुभशुभ19:02 – 20:37
- अमृतश्रेष्ठ20:37 – 22:12
- चरसम22:12 – 23:46
- रोगअनिष्ट23:46 – 01:21
- कालहानि01:21 – 02:55
- लाभलाभ02:55 – 04:30
- उद्वेगअशुभ04:30 – 06:04
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:04–07:01 |
| चन्द्र | 07:01–07:58 |
| शनि | 07:58–08:55 |
| गुरु | 08:55–09:52 |
| मंगल | 09:52–10:49 |
| सूर्य | 10:49–11:46 |
| शुक्र | 11:46–12:43 |
| बुध | 12:43–13:40 |
| चन्द्र | 13:40–14:37 |
| शनि | 14:37–15:34 |
| गुरु | 15:34–16:31 |
| मंगल | 16:31–17:28 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:28–18:31 |
| शुक्र | 18:31–19:34 |
| बुध | 19:34–20:37 |
| चन्द्र | 20:37–21:40 |
| शनि | 21:40–22:43 |
| गुरु | 22:43–23:46 |
| मंगल | 23:46–00:49 |
| सूर्य | 00:49–01:52 |
| शुक्र | 01:52–02:55 |
| बुध | 02:55–03:58 |
| चन्द्र | 03:58–05:01 |
| शनि | 05:01–06:04 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 2 पद07:02 तक
- भरणी 3 पद12:40 तक
- भरणी 4 पद18:21 तक
- कृत्तिका 1 पद00:04, 21 अक्टू॰ तक
- कृत्तिका 2 पद05:49, 21 अक्टू॰ तक
- कृत्तिका 3 पद11:37, 21 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 24m
- रात्रिमान
- 12h 36m
- मध्याह्न
- 11:46
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 00:04, 21 अक्टू॰ तकदक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 19:38 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 19:38 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:04 –08:12
- राज पंचक08:12 –10:29
- शुभ मुहूर्त10:29 –12:34
- चोर पंचक12:34 –14:17
- शुभ मुहूर्त14:17 –15:47
- रोग पंचक15:47 –17:14
- चोर पंचक17:14 –18:21
- शुभ मुहूर्त18:21 –18:51
- रोग पंचक18:51 –19:38
- शुभ मुहूर्त19:38 –20:47
- मृत्यु पंचक20:47 –23:01
- अग्नि पंचक23:01 –01:20, 21 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:20 –03:36, 21 अक्टू॰
- राज पंचक03:36 –05:50, 21 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:50 –06:04, 21 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:54 –08:12
- वृश्चिक08:12 –10:29
- धनु10:29 –12:34
- मकर12:34 –14:17
- कुम्भ14:17 –15:47
- मीन15:47 –17:14
- मेष17:14 –18:51
- वृषभ18:51 –20:47
- मिथुन20:47 –23:01
- कर्क23:01 –01:20, 21 अक्टू॰
- सिंह01:20 –03:36, 21 अक्टू॰
- कन्या03:36 –05:50, 21 अक्टू॰
- तुला05:50 –08:08, 21 अक्टू॰
पंचांग · अयोध्या, 20 अक्टूबर 2032
बुधवार, 20 अक्टूबर 2032 को अयोध्या में सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 17:28 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 19:38 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र भरणी 18:21 तक, फिर कृत्तिका; योग सिद्धि 23:38 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 08:40 तक, फिर गर। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 11:46–13:11, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:09। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 20 अक्टूबर 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 19:38 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:04, अयोध्या)।
20 अक्टूबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 18:21 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 21 अक्टूबर 00:04 तक।
अयोध्या में 20 अक्टूबर 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:46–13:11, यमगण्ड 07:29–08:55, गुलिक काल 10:20–11:46।
अयोध्या में 20 अक्टूबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 17:28, चंद्रोदय 18:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
20 अक्टूबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:23–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:13। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3153° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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