पंचांग · गुरुवार, 21 अक्टूबर 2032अयोध्या

आश्विन · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2089करवा चौथसंकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:04सूर्योदय17:27सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 18:04 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
17:27 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0417:27
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:11 –14:36
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:04दिन17:27
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
भद्रा
07:0009:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:27रात06:05
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    18:04 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    17:11, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    17:27 तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    17:14, 22 अक्टू॰ तक
योग
  1. व्यतीपात
    21:17 तक
  2. वरीयान्
    19:31, 22 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    06:46 तक
  2. विष्टि
    18:04 तक
  3. बव
    05:32, 22 अक्टू॰ तक
  4. बालव
    17:11, 22 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:04
बिंब मध्य 06:07
सूर्यास्त
17:27
बिंब मध्य 17:23
चंद्रोदय
19:37
चंद्रास्त
08:26
दिनमान
11h 23m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
05:24, 23 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2089
शक संवत
1954

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:14
  • प्रातः संध्या04:48 –06:04
  • अभिजित मुहूर्त11:23 –12:08
  • विजय मुहूर्त13:39 –14:25
  • गोधूलि मुहूर्त17:27 –17:52
  • सायाह्न संध्या17:27 –18:43
  • निशीथ मुहूर्त23:21 –00:11, 22 अक्टू॰
  • अमृत काल15:08 –16:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:11 –14:36
  • यमगंड06:04 –07:29
  • गुलिक काल08:55 –10:20
  • दुर्मुहूर्त09:52 –10:37
  • दुर्मुहूर्त14:25 –15:10
  • वर्ज्य05:54 –07:26
  • भद्रा06:46 –18:04

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:04 – 07:29
  • रोगअनिष्ट07:29 – 08:55
  • उद्वेगअशुभ08:55 – 10:20
  • चरसम10:20 – 11:46
  • लाभलाभ11:46 – 13:11
  • अमृतश्रेष्ठ13:11 – 14:36
  • कालहानि14:36 – 16:02
  • शुभशुभ16:02 – 17:27
रात
  • अमृतश्रेष्ठ17:27 – 19:02
  • चरसम19:02 – 20:36
  • रोगअनिष्ट20:36 – 22:11
  • कालहानि22:11 – 23:46
  • लाभलाभ23:46 – 01:21
  • उद्वेगअशुभ01:21 – 02:55
  • शुभशुभ02:55 – 04:30
  • अमृतश्रेष्ठ04:30 – 06:05

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:04–07:01
मंगल07:01–07:58
सूर्य07:58–08:55
शुक्र08:55–09:52
बुध09:52–10:49
चन्द्र10:49–11:46
शनि11:46–12:42
गुरु12:42–13:39
मंगल13:39–14:36
सूर्य14:36–15:33
शुक्र15:33–16:30
बुध16:30–17:27
रात
ग्रहसमय
चन्द्र17:27–18:30
शनि18:30–19:33
गुरु19:33–20:36
मंगल20:36–21:40
सूर्य21:40–22:43
शुक्र22:43–23:46
बुध23:46–00:49
चन्द्र00:49–01:52
शनि01:52–02:55
गुरु02:55–03:58
मंगल03:58–05:02
सूर्य05:02–06:05

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 3 पद11:37 तक
  • कृत्तिका 4 पद17:27 तक
  • रोहिणी 1 पद23:20 तक
  • रोहिणी 2 पद05:15, 22 अक्टू॰ तक
  • रोहिणी 3 पद11:13, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 23m
रात्रिमान
12h 38m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 17:27 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:04 तकआकाश
शिववास
क्रीड़ा में · 18:04 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:04 –08:08
  • शुभ मुहूर्त08:08 –10:25
  • रोग पंचक10:25 –12:30
  • शुभ मुहूर्त12:30 –14:13
  • मृत्यु पंचक14:13 –15:43
  • अग्नि पंचक15:43 –17:10
  • शुभ मुहूर्त17:10 –17:27
  • मृत्यु पंचक17:27 –18:04
  • अग्नि पंचक18:04 –18:47
  • शुभ मुहूर्त18:47 –20:43
  • राज पंचक20:43 –22:57
  • शुभ मुहूर्त22:57 –01:16, 22 अक्टू॰
  • चोर पंचक01:16 –03:32, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:32 –05:46, 22 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:46 –06:05, 22 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:50 –08:08
  • वृश्चिक08:08 –10:25
  • धनु10:25 –12:30
  • मकर12:30 –14:13
  • कुम्भ14:13 –15:43
  • मीन15:43 –17:10
  • मेष17:10 –18:47
  • वृषभ18:47 –20:43
  • मिथुन20:43 –22:57
  • कर्क22:57 –01:16, 22 अक्टू॰
  • सिंह01:16 –03:32, 22 अक्टू॰
  • कन्या03:32 –05:46, 22 अक्टू॰
  • तुला05:46 –08:04, 22 अक्टू॰

पंचांग · अयोध्या, 21 अक्टूबर 2032

गुरुवार, 21 अक्टूबर 2032 को अयोध्या में सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 17:27 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 18:04 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र कृत्तिका 17:27 तक, फिर रोहिणी; योग व्यतीपात 21:17 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 06:46 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:11–14:36, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:08। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 21 अक्टूबर 2032 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 18:04 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:04, अयोध्या)।

21 अक्टूबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 17:27 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 23 अक्टूबर 05:24 तक।

अयोध्या में 21 अक्टूबर 2032 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:11–14:36, यमगण्ड 06:04–07:29, गुलिक काल 08:55–10:20।

अयोध्या में 21 अक्टूबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 17:27, चंद्रोदय 19:37 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अक्टूबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:23–12:08, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

21 अक्टूबर 2032 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3154° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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