पंचांग · मंगलवार, 19 अक्टूबर 2032अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण प्रतिपदा21:49 तक
- कृष्ण द्वितीया19:38, 20 अक्टू॰ तक
- अश्विनीस्वामी केतु19:50 तक
- भरणीस्वामी शुक्र18:21, 20 अक्टू॰ तक
- वज्र02:28, 20 अक्टू॰ तक
- सिद्धि23:38, 20 अक्टू॰ तक
- बालव11:05 तक
- कौलव21:49 तक
- तैतिल08:40, 20 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:03बिंब मध्य 06:06
- सूर्यास्त
- 17:29बिंब मध्य 17:25
- चंद्रोदय
- 17:57
- चंद्रास्त
- 06:21
- दिनमान
- 11h 26m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मेष00:04, 21 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:13
- प्रातः संध्या04:48 –06:03
- अभिजित मुहूर्त11:23 –12:09
- विजय मुहूर्त13:40 –14:26
- गोधूलि मुहूर्त17:29 –17:54
- सायाह्न संध्या17:29 –18:44
- निशीथ मुहूर्त23:21 –00:11, 20 अक्टू॰
- अमृत काल13:13 –14:41
- राहु काल14:37 –16:03
- यमगंड08:54 –10:20
- गुलिक काल11:46 –13:12
- दुर्मुहूर्त08:20 –09:06
- दुर्मुहूर्त22:31 –23:21
- वर्ज्य16:09 –17:38
- वर्ज्य04:50 –06:20, 20 अक्टू॰
- गंड मूल06:03 –19:50
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:03 – 07:29
- उद्वेगअशुभ07:29 – 08:54
- चरसम08:54 – 10:20
- लाभलाभ10:20 – 11:46
- अमृतश्रेष्ठ11:46 – 13:12
- कालहानि13:12 – 14:37
- शुभशुभ14:37 – 16:03
- रोगअनिष्ट16:03 – 17:29
- कालहानि17:29 – 19:03
- लाभलाभ19:03 – 20:38
- उद्वेगअशुभ20:38 – 22:12
- शुभशुभ22:12 – 23:46
- अमृतश्रेष्ठ23:46 – 01:21
- चरसम01:21 – 02:55
- रोगअनिष्ट02:55 – 04:29
- कालहानि04:29 – 06:04
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:03–07:00 |
| सूर्य | 07:00–07:57 |
| शुक्र | 07:57–08:54 |
| बुध | 08:54–09:52 |
| चन्द्र | 09:52–10:49 |
| शनि | 10:49–11:46 |
| गुरु | 11:46–12:43 |
| मंगल | 12:43–13:40 |
| सूर्य | 13:40–14:37 |
| शुक्र | 14:37–15:35 |
| बुध | 15:35–16:32 |
| चन्द्र | 16:32–17:29 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 17:29–18:32 |
| गुरु | 18:32–19:35 |
| मंगल | 19:35–20:38 |
| सूर्य | 20:38–21:40 |
| शुक्र | 21:40–22:43 |
| बुध | 22:43–23:46 |
| चन्द्र | 23:46–00:49 |
| शनि | 00:49–01:52 |
| गुरु | 01:52–02:55 |
| मंगल | 02:55–03:58 |
| सूर्य | 03:58–05:01 |
| शुक्र | 05:01–06:04 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्विनी 2 पद08:45 तक
- अश्विनी 3 पद14:17 तक
- अश्विनी 4 पद19:50 तक
- भरणी 1 पद01:25, 20 अक्टू॰ तक
- भरणी 2 पद07:02, 20 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 26m
- रात्रिमान
- 12h 35m
- मध्याह्न
- 11:46
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:49 तकआकाश
- शिववास
- गौरी के साथ · 21:49 तकसभा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:03 –08:16
- मृत्यु पंचक08:16 –10:33
- अग्नि पंचक10:33 –12:38
- शुभ मुहूर्त12:38 –14:21
- राज पंचक14:21 –15:51
- शुभ मुहूर्त15:51 –18:55
- राज पंचक18:55 –19:50
- शुभ मुहूर्त19:50 –20:51
- चोर पंचक20:51 –21:49
- शुभ मुहूर्त21:49 –23:05
- रोग पंचक23:05 –01:24, 20 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:24 –03:40, 20 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक03:40 –05:54, 20 अक्टू॰
- अग्नि पंचक05:54 –06:04, 20 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:58 –08:16
- वृश्चिक08:16 –10:33
- धनु10:33 –12:38
- मकर12:38 –14:21
- कुम्भ14:21 –15:51
- मीन15:51 –17:18
- मेष17:18 –18:55
- वृषभ18:55 –20:51
- मिथुन20:51 –23:05
- कर्क23:05 –01:24, 20 अक्टू॰
- सिंह01:24 –03:40, 20 अक्टू॰
- कन्या03:40 –05:54, 20 अक्टू॰
- तुला05:54 –08:12, 20 अक्टू॰
पंचांग · अयोध्या, 19 अक्टूबर 2032
मंगलवार, 19 अक्टूबर 2032 को अयोध्या में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 17:29 पर है। तिथि कृष्ण प्रतिपदा 21:49 तक, फिर कृष्ण द्वितीया; नक्षत्र अश्विनी 19:50 तक, फिर भरणी; योग वज्र 20 अक्टूबर 02:28 तक, फिर सिद्धि; करण बालव 11:05 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:37–16:03, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:09। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 19 अक्टूबर 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण प्रतिपदा 21:49 तक, फिर कृष्ण द्वितीया (सूर्योदय 06:03, अयोध्या)।
19 अक्टूबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्विनी 19:50 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 21 अक्टूबर 00:04 तक।
अयोध्या में 19 अक्टूबर 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:37–16:03, यमगण्ड 08:54–10:20, गुलिक काल 11:46–13:12।
अयोध्या में 19 अक्टूबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:29, चंद्रोदय 17:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
19 अक्टूबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:23–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:13। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3153° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
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