राहुकाल · वाराणसी

मंगलवार, 6 अक्टूबर 202605:5217:40

राहु काल

1 घं. 29 मि.
14:43 –16:12

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
08:49 –10:18

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
11:46 –13:15

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:52
—
2
07:21
—
3
08:49
यमगंड
4
10:18
—
5
11:46
गुलिक काल
6
13:15
—
7
14:43
राहु काल
8
16:12
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:14 –09:01
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।22:33 –23:22
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।11:29 –13:02
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।05:52 –22:17
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।22:17 –05:53, 7 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

वाराणसी में 6 अक्टूबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:43–16:12, यमगण्ड 08:49–10:18, गुलिक काल 11:46–13:15; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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