राहुकाल · उदयपुर

शुक्रवार, 4 जनवरी 203007:2018:00

राहु काल

1 घं. 20 मि.
11:20 –12:40

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 20 मि.
15:20 –16:40

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 20 मि.
08:40 –10:00

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:20
—
2
08:40
गुलिक काल
3
10:00
—
4
11:20
राहु काल
5
12:40
—
6
14:00
—
7
15:20
यमगंड
8
16:40
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:28 –10:11
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:01 –13:44
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।06:57 –08:27
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:58, 5 जन॰ –05:29, 5 जन॰

उदयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

उदयपुर में 4 जनवरी 2030 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:20–12:40, यमगण्ड 15:20–16:40, गुलिक काल 08:40–10:00; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर