पंचांग · शुक्रवार, 4 जनवरी 2030उदयपुर

मार्गशीर्ष · अमावस्या · विक्रम संवत 2086अमावस्या

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
07:20सूर्योदय18:00सूर्यास्त
तिथि
अमावस्या
कृष्ण · 08:19 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
20:22 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:2018:00
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
11:20 –12:40
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
07:20दिन18:00
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:00रात07:20
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. अमावस्या
    08:19 तक
  2. शुक्ल प्रतिपदा
    06:09, 5 जन॰ तक
  3. शुक्ल द्वितीया
    04:29, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    20:22 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    19:09, 5 जन॰ तक
योग
  1. ध्रुव
    09:52 तक
  2. व्याघात
    06:54, 5 जन॰ तक
  3. हर्षण
    04:20, 6 जन॰ तक
करण
  1. नाग
    08:19 तक
  2. किंस्तुघ्न
    19:11 तक
  3. बव
    06:09, 5 जन॰ तक
  4. बालव
    17:15, 5 जन॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
07:20
बिंब मध्य 07:24
सूर्यास्त
18:00
बिंब मध्य 17:56
चंद्रोदय
07:18
चंद्रास्त
18:24
दिनमान
10h 40m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
धनु
02:01, 5 जन॰ तक
सूर्य राशि
धनु

चांद्र पंचांग

अमांत मास
मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास
पौष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
हेमंत
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:33 –06:27
  • प्रातः संध्या06:00 –07:20
  • अभिजित मुहूर्त12:19 –13:01
  • विजय मुहूर्त14:27 –15:09
  • गोधूलि मुहूर्त18:00 –18:27
  • सायाह्न संध्या18:00 –19:20
  • निशीथ मुहूर्त00:14 –01:07, 5 जन॰
  • अमृत काल15:54 –17:23
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:20 –12:40
  • यमगंड15:20 –16:40
  • गुलिक काल08:40 –10:00
  • दुर्मुहूर्त09:28 –10:11
  • दुर्मुहूर्त13:01 –13:44
  • वर्ज्य06:57 –08:27
  • वर्ज्य03:58 –05:29, 5 जन॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम07:20 – 08:40
  • लाभलाभ08:40 – 10:00
  • अमृतश्रेष्ठ10:00 – 11:20
  • कालहानि11:20 – 12:40
  • शुभशुभ12:40 – 14:00
  • रोगअनिष्ट14:00 – 15:20
  • उद्वेगअशुभ15:20 – 16:40
  • चरसम16:40 – 18:00
रात
  • रोगअनिष्ट18:00 – 19:40
  • कालहानि19:40 – 21:20
  • लाभलाभ21:20 – 23:00
  • उद्वेगअशुभ23:00 – 00:40
  • शुभशुभ00:40 – 02:20
  • अमृतश्रेष्ठ02:20 – 04:00
  • चरसम04:00 – 05:40
  • रोगअनिष्ट05:40 – 07:20

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र07:20–08:13
बुध08:13–09:07
चन्द्र09:07–10:00
शनि10:00–10:53
गुरु10:53–11:47
मंगल11:47–12:40
सूर्य12:40–13:33
शुक्र13:33–14:27
बुध14:27–15:20
चन्द्र15:20–16:13
शनि16:13–17:07
गुरु17:07–18:00
रात
ग्रहसमय
मंगल18:00–19:07
सूर्य19:07–20:13
शुक्र20:13–21:20
बुध21:20–22:27
चन्द्र22:27–23:34
शनि23:34–00:40
गुरु00:40–01:47
मंगल01:47–02:54
सूर्य02:54–04:00
शुक्र04:00–05:07
बुध05:07–06:14
चन्द्र06:14–07:20

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद09:09 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद14:45 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद20:22 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद02:01, 5 जन॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद07:42, 5 जन॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शिशिर
ऋतु (वैदिक)
हेमंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 40m
रात्रिमान
13h 20m
मध्याह्न
12:40

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 02:01, 5 जन॰ तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 20:22 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व · 02:01, 5 जन॰ तकदक्षिण
अग्निवास
आकाश · 08:19 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:09, 5 जन॰ तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 08:19 तकश्मशान में · 06:09, 5 जन॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक07:20 –08:05
  • शुभ मुहूर्त08:05 –08:19
  • मृत्यु पंचक08:19 –09:51
  • अग्नि पंचक09:51 –11:22
  • शुभ मुहूर्त11:22 –12:51
  • मृत्यु पंचक12:51 –14:30
  • अग्नि पंचक14:30 –16:28
  • शुभ मुहूर्त16:28 –18:42
  • राज पंचक18:42 –20:22
  • शुभ मुहूर्त20:22 –20:59
  • चोर पंचक20:59 –23:12
  • शुभ मुहूर्त23:12 –01:24, 5 जन॰
  • रोग पंचक01:24 –03:40, 5 जन॰
  • शुभ मुहूर्त03:40 –05:57, 5 जन॰
  • मृत्यु पंचक05:57 –06:09, 5 जन॰
  • अग्नि पंचक06:09 –07:20, 5 जन॰

उदय लग्न

  • धनु06:01 –08:05
  • मकर08:05 –09:51
  • कुम्भ09:51 –11:22
  • मीन11:22 –12:51
  • मेष12:51 –14:30
  • वृषभ14:30 –16:28
  • मिथुन16:28 –18:42
  • कर्क18:42 –20:59
  • सिंह20:59 –23:12
  • कन्या23:12 –01:24, 5 जन॰
  • तुला01:24 –03:40, 5 जन॰
  • वृश्चिक03:40 –05:57, 5 जन॰
  • धनु05:57 –08:01, 5 जन॰

पंचांग · उदयपुर, 4 जनवरी 2030

शुक्रवार, 4 जनवरी 2030 को उदयपुर में सूर्योदय 07:20 और सूर्यास्त 18:00 पर है। तिथि अमावस्या 08:19 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 20:22 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग ध्रुव 09:52 तक, फिर व्याघात; करण नाग 08:19 तक, फिर किंस्तुघ्न। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य धनु राशि में। राहुकाल 11:20–12:40, अभिजित मुहूर्त 12:19–13:01। मास पौष (पूर्णिमांत) / मार्गशीर्ष (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।

इस दिन के बारे में प्रश्न

उदयपुर में 4 जनवरी 2030 को कौन सी तिथि है?

अमावस्या 08:19 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 07:20, उदयपुर)।

4 जनवरी 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 20:22 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 जनवरी 02:01 तक।

उदयपुर में 4 जनवरी 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:20–12:40, यमगण्ड 15:20–16:40, गुलिक काल 08:40–10:00।

उदयपुर में 4 जनवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 07:20, सूर्यास्त 18:00, चंद्रोदय 07:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 जनवरी 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:19–13:01, ब्रह्म मुहूर्त 05:33–06:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 जनवरी 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अमावस्या।

उदयपुर हिन्दू कैलेंडर जनवरी 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2763° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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