पंचक रहित मुहूर्त · वाराणसी

मंगलवार, 16 अप्रैल 203005:3518:21

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक05:35 –07:11
  • शुभ मुहूर्त07:11 –09:08
  • राज पंचक09:08 –11:22
  • शुभ मुहूर्त11:22 –13:40
  • चोर पंचक13:40 –15:26
  • शुभ मुहूर्त15:26 –15:54
  • रोग पंचक15:54 –18:07
  • शुभ मुहूर्त18:07 –18:24
  • मृत्यु पंचक18:24 –20:23
  • अग्नि पंचक20:23 –22:40
  • शुभ मुहूर्त22:40 –00:45, 17 अप्रैल
  • राज पंचक00:45, 17 अप्रैल –02:30, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:30, 17 अप्रैल –04:00, 17 अप्रैल
  • चोर पंचक04:00, 17 अप्रैल –05:29, 17 अप्रैल
  • राज पंचक05:29, 17 अप्रैल –05:34, 17 अप्रैल

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

वाराणसी में 16 अप्रैल 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 18:21।

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