पंचांग · मंगलवार, 16 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल त्रयोदशी15:26 तक
- शुक्ल चतुर्दशी12:18, 17 अप्रैल तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य18:24 तक
- हस्तस्वामी चन्द्र15:59, 17 अप्रैल तक
- ध्रुव14:52 तक
- व्याघात11:11, 17 अप्रैल तक
- तैतिल15:26 तक
- गर01:55, 17 अप्रैल तक
- वणिज12:18, 17 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:35बिंब मध्य 05:38
- सूर्यास्त
- 18:21बिंब मध्य 18:17
- चंद्रोदय
- 16:34
- चंद्रास्त
- 03:50
- दिनमान
- 12h 46m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- कन्या02:39, 18 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:50
- प्रातः संध्या04:28 –05:35
- अभिजित मुहूर्त11:33 –12:24
- विजय मुहूर्त14:06 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:21 –18:44
- सायाह्न संध्या18:21 –19:29
- निशीथ मुहूर्त23:35 –00:20, 17 अप्रैल
- अमृत काल11:47 –13:15
- राहु काल15:10 –16:46
- यमगंड08:47 –10:22
- गुलिक काल11:58 –13:34
- दुर्मुहूर्त08:08 –08:59
- दुर्मुहूर्त22:50 –23:35
- वर्ज्य01:57 –03:24, 17 अप्रैल
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:35 – 07:11
- उद्वेगअशुभ07:11 – 08:47
- चरसम08:47 – 10:22
- लाभलाभ10:22 – 11:58
- अमृतश्रेष्ठ11:58 – 13:34
- कालहानि13:34 – 15:10
- शुभशुभ15:10 – 16:46
- रोगअनिष्ट16:46 – 18:21
- कालहानि18:21 – 19:45
- लाभलाभ19:45 – 21:09
- उद्वेगअशुभ21:09 – 22:34
- शुभशुभ22:34 – 23:58
- अमृतश्रेष्ठ23:58 – 01:22
- चरसम01:22 – 02:46
- रोगअनिष्ट02:46 – 04:10
- कालहानि04:10 – 05:34
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:35–06:39 |
| सूर्य | 06:39–07:43 |
| शुक्र | 07:43–08:47 |
| बुध | 08:47–09:50 |
| चन्द्र | 09:50–10:54 |
| शनि | 10:54–11:58 |
| गुरु | 11:58–13:02 |
| मंगल | 13:02–14:06 |
| सूर्य | 14:06–15:10 |
| शुक्र | 15:10–16:14 |
| बुध | 16:14–17:17 |
| चन्द्र | 17:17–18:21 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:21–19:17 |
| गुरु | 19:17–20:13 |
| मंगल | 20:13–21:09 |
| सूर्य | 21:09–22:06 |
| शुक्र | 22:06–23:02 |
| बुध | 23:02–23:58 |
| चन्द्र | 23:58–00:54 |
| शनि | 00:54–01:50 |
| गुरु | 01:50–02:46 |
| मंगल | 02:46–03:42 |
| सूर्य | 03:42–04:38 |
| शुक्र | 04:38–05:34 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तर फाल्गुनी 2 पद07:26 तक
- उत्तर फाल्गुनी 3 पद12:56 तक
- उत्तर फाल्गुनी 4 पद18:24 तक
- हस्त 1 पद23:50 तक
- हस्त 2 पद05:15, 17 अप्रैल तक
- हस्त 3 पद10:38, 17 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 46m
- रात्रिमान
- 11h 13m
- मध्याह्न
- 11:58
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 15:26 तकपाताल
- शिववास
- नंदी पर · 15:26 तकभोजन में
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:35 –07:11
- शुभ मुहूर्त07:11 –09:08
- राज पंचक09:08 –11:22
- शुभ मुहूर्त11:22 –13:40
- चोर पंचक13:40 –15:26
- शुभ मुहूर्त15:26 –15:54
- रोग पंचक15:54 –18:07
- शुभ मुहूर्त18:07 –18:24
- मृत्यु पंचक18:24 –20:23
- अग्नि पंचक20:23 –22:40
- शुभ मुहूर्त22:40 –00:45, 17 अप्रैल
- राज पंचक00:45 –02:30, 17 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:30 –04:00, 17 अप्रैल
- चोर पंचक04:00 –05:29, 17 अप्रैल
- राज पंचक05:29 –05:34, 17 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:33 –07:11
- वृषभ07:11 –09:08
- मिथुन09:08 –11:22
- कर्क11:22 –13:40
- सिंह13:40 –15:54
- कन्या15:54 –18:07
- तुला18:07 –20:23
- वृश्चिक20:23 –22:40
- धनु22:40 –00:45, 17 अप्रैल
- मकर00:45 –02:30, 17 अप्रैल
- कुम्भ02:30 –04:00, 17 अप्रैल
- मीन04:00 –05:29, 17 अप्रैल
- मेष05:29 –07:07, 17 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 16 अप्रैल 2030
मंगलवार, 16 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:35 और सूर्यास्त 18:21 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 15:26 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 18:24 तक, फिर हस्त; योग ध्रुव 14:52 तक, फिर व्याघात; करण तैतिल 15:26 तक, फिर गर। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:10–16:46, अभिजित मुहूर्त 11:33–12:24। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 16 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल त्रयोदशी 15:26 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 05:35, वाराणसी)।
16 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तर फाल्गुनी 18:24 तक, फिर हस्त। चंद्रमा कन्या राशि में 18 अप्रैल 02:39 तक।
वाराणसी में 16 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:10–16:46, यमगण्ड 08:47–10:22, गुलिक काल 11:58–13:34।
वाराणसी में 16 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 18:21, चंद्रोदय 16:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
16 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:33–12:24, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2802° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP