पंचांग · बुधवार, 17 अप्रैल 2030वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्दशी12:18 तक
- पूर्णिमा08:50, 18 अप्रैल तक
- हस्तस्वामी चन्द्र15:59 तक
- चित्रास्वामी मंगल13:16, 18 अप्रैल तक
- व्याघात11:11 तक
- हर्षण07:13, 18 अप्रैल तक
- वणिज12:18 तक
- विष्टि22:35 तक
- बव08:50, 18 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:34बिंब मध्य 05:37
- सूर्यास्त
- 18:22बिंब मध्य 18:17
- चंद्रोदय
- 17:39
- चंद्रास्त
- 04:31
- दिनमान
- 12h 48m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कन्या02:39, 18 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:04 –04:49
- प्रातः संध्या04:27 –05:34
- अभिजित मुहूर्त11:32 –12:23
- विजय मुहूर्त14:06 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:22 –18:44
- सायाह्न संध्या18:22 –19:29
- निशीथ मुहूर्त23:35 –00:20, 18 अप्रैल
- अमृत काल10:35 –12:02
- राहु काल11:58 –13:34
- यमगंड07:10 –08:46
- गुलिक काल10:22 –11:58
- दुर्मुहूर्त11:32 –12:23
- वर्ज्य23:05 –00:30, 18 अप्रैल
- भद्रा12:18 –22:35
चौघड़िया
- लाभलाभ05:34 – 07:10
- अमृतश्रेष्ठ07:10 – 08:46
- कालहानि08:46 – 10:22
- शुभशुभ10:22 – 11:58
- रोगअनिष्ट11:58 – 13:34
- उद्वेगअशुभ13:34 – 15:10
- चरसम15:10 – 16:46
- लाभलाभ16:46 – 18:22
- उद्वेगअशुभ18:22 – 19:46
- शुभशुभ19:46 – 21:10
- अमृतश्रेष्ठ21:10 – 22:34
- चरसम22:34 – 23:57
- रोगअनिष्ट23:57 – 01:21
- कालहानि01:21 – 02:45
- लाभलाभ02:45 – 04:09
- उद्वेगअशुभ04:09 – 05:33
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:34–06:38 |
| चन्द्र | 06:38–07:42 |
| शनि | 07:42–08:46 |
| गुरु | 08:46–09:50 |
| मंगल | 09:50–10:54 |
| सूर्य | 10:54–11:58 |
| शुक्र | 11:58–13:02 |
| बुध | 13:02–14:06 |
| चन्द्र | 14:06–15:10 |
| शनि | 15:10–16:14 |
| गुरु | 16:14–17:18 |
| मंगल | 17:18–18:22 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:22–19:18 |
| शुक्र | 19:18–20:14 |
| बुध | 20:14–21:10 |
| चन्द्र | 21:10–22:06 |
| शनि | 22:06–23:01 |
| गुरु | 23:01–23:57 |
| मंगल | 23:57–00:53 |
| सूर्य | 00:53–01:49 |
| शुक्र | 01:49–02:45 |
| बुध | 02:45–03:41 |
| चन्द्र | 03:41–04:37 |
| शनि | 04:37–05:33 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- हस्त 3 पद10:38 तक
- हस्त 4 पद15:59 तक
- चित्रा 1 पद21:20 तक
- चित्रा 2 पद02:39, 18 अप्रैल तक
- चित्रा 3 पद07:58, 18 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 48m
- रात्रिमान
- 11h 11m
- मध्याह्न
- 11:58
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 02:39, 18 अप्रैल तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:18 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 12:18 तकश्मशान में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:34 –07:07
- चोर पंचक07:07 –09:04
- शुभ मुहूर्त09:04 –11:18
- रोग पंचक11:18 –12:18
- शुभ मुहूर्त12:18 –13:36
- मृत्यु पंचक13:36 –15:50
- अग्नि पंचक15:50 –15:59
- शुभ मुहूर्त15:59 –18:03
- राज पंचक18:03 –20:19
- शुभ मुहूर्त20:19 –22:36
- चोर पंचक22:36 –00:41, 18 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:41 –02:26, 18 अप्रैल
- रोग पंचक02:26 –03:57, 18 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:57 –05:33, 18 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:29 –07:07
- वृषभ07:07 –09:04
- मिथुन09:04 –11:18
- कर्क11:18 –13:36
- सिंह13:36 –15:50
- कन्या15:50 –18:03
- तुला18:03 –20:19
- वृश्चिक20:19 –22:36
- धनु22:36 –00:41, 18 अप्रैल
- मकर00:41 –02:26, 18 अप्रैल
- कुम्भ02:26 –03:57, 18 अप्रैल
- मीन03:57 –05:25, 18 अप्रैल
- मेष05:25 –07:03, 18 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 17 अप्रैल 2030
बुधवार, 17 अप्रैल 2030 को वाराणसी में सूर्योदय 05:34 और सूर्यास्त 18:22 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्दशी 12:18 तक, फिर पूर्णिमा; नक्षत्र हस्त 15:59 तक, फिर चित्रा; योग व्याघात 11:11 तक, फिर हर्षण; करण वणिज 12:18 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 11:58–13:34, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:23। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 17 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्दशी 12:18 तक, फिर पूर्णिमा (सूर्योदय 05:34, वाराणसी)।
17 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
हस्त 15:59 तक, फिर चित्रा। चंद्रमा कन्या राशि में 18 अप्रैल 02:39 तक।
वाराणसी में 17 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:58–13:34, यमगण्ड 07:10–08:46, गुलिक काल 10:22–11:58।
वाराणसी में 17 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 18:22, चंद्रोदय 17:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
17 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:32–12:23, ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2802° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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