पंचक रहित मुहूर्त · भुवनेश्वर

गुरुवार, 4 नवंबर 202705:5017:11

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक05:50 –06:50
  • शुभ मुहूर्त06:50 –09:05
  • राज पंचक09:05 –11:11
  • शुभ मुहूर्त11:11 –12:59
  • चोर पंचक12:59 –14:35
  • शुभ मुहूर्त14:35 –15:24
  • रोग पंचक15:24 –16:08
  • चोर पंचक16:08 –17:51
  • शुभ मुहूर्त17:51 –19:50
  • रोग पंचक19:50 –21:38
  • शुभ मुहूर्त21:38 –22:03
  • मृत्यु पंचक22:03 –00:17, 5 नव॰
  • अग्नि पंचक00:17, 5 नव॰ –02:26, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:26, 5 नव॰ –04:34, 5 नव॰
  • राज पंचक04:34, 5 नव॰ –05:50, 5 नव॰

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:11।

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