पंचांग · गुरुवार, 4 नवंबर 2027भुवनेश्वर

कार्तिक · शुक्ल षष्ठी · विक्रम संवत 2084छठ पूजा (संध्या अर्घ्य)

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय17:11सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल षष्ठी
शुक्ल · 21:38 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
15:24 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5017:11
गुरुवार · गुरु
राहु काल
12:55 –14:20
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन17:11
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत काल
विजय मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:11रात05:50
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल षष्ठी
    21:38 तक
  2. शुक्ल सप्तमी
    00:09, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    15:24 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    18:19, 5 नव॰ तक
योग
  1. धृति
    20:01 तक
  2. शूल
    20:53, 5 नव॰ तक
करण
  1. कौलव
    08:31 तक
  2. तैतिल
    21:38 तक
  3. गर
    10:51, 5 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
17:11
बिंब मध्य 17:06
चंद्रोदय
10:52
चंद्रास्त
22:01
दिनमान
11h 21m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
धनु
22:06 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:09 –04:59
  • प्रातः संध्या04:34 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त11:07 –11:53
  • विजय मुहूर्त13:24 –14:09
  • गोधूलि मुहूर्त17:11 –17:36
  • सायाह्न संध्या17:11 –18:27
  • निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
  • अमृत काल10:07 –11:53
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:55 –14:20
  • यमगंड05:50 –07:15
  • गुलिक काल08:40 –10:05
  • दुर्मुहूर्त09:37 –10:22
  • दुर्मुहूर्त14:09 –14:54
  • वर्ज्य00:23 –02:10, 5 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:50 – 07:15
  • रोगअनिष्ट07:15 – 08:40
  • उद्वेगअशुभ08:40 – 10:05
  • चरसम10:05 – 11:30
  • लाभलाभ11:30 – 12:55
  • अमृतश्रेष्ठ12:55 – 14:20
  • कालहानि14:20 – 15:46
  • शुभशुभ15:46 – 17:11
रात
  • अमृतश्रेष्ठ17:11 – 18:46
  • चरसम18:46 – 20:21
  • रोगअनिष्ट20:21 – 21:55
  • कालहानि21:55 – 23:30
  • लाभलाभ23:30 – 01:05
  • उद्वेगअशुभ01:05 – 02:40
  • शुभशुभ02:40 – 04:15
  • अमृतश्रेष्ठ04:15 – 05:50

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:50–06:46
मंगल06:46–07:43
सूर्य07:43–08:40
शुक्र08:40–09:37
बुध09:37–10:33
चन्द्र10:33–11:30
शनि11:30–12:27
गुरु12:27–13:24
मंगल13:24–14:20
सूर्य14:20–15:17
शुक्र15:17–16:14
बुध16:14–17:11
रात
ग्रहसमय
चन्द्र17:11–18:14
शनि18:14–19:17
गुरु19:17–20:21
मंगल20:21–21:24
सूर्य21:24–22:27
शुक्र22:27–23:30
बुध23:30–00:34
चन्द्र00:34–01:37
शनि01:37–02:40
गुरु02:40–03:44
मंगल03:44–04:47
सूर्य04:47–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद08:45 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद15:24 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद22:06 तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद04:49, 5 नव॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 3 पद11:34, 5 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 21m
रात्रिमान
12h 39m
मध्याह्न
11:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 22:06 तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 15:24 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 22:06 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:38 तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 21:38 तकभोजन में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक05:50 –06:50
  • शुभ मुहूर्त06:50 –09:05
  • राज पंचक09:05 –11:11
  • शुभ मुहूर्त11:11 –12:59
  • चोर पंचक12:59 –14:35
  • शुभ मुहूर्त14:35 –15:24
  • रोग पंचक15:24 –16:08
  • चोर पंचक16:08 –17:51
  • शुभ मुहूर्त17:51 –19:50
  • रोग पंचक19:50 –21:38
  • शुभ मुहूर्त21:38 –22:03
  • मृत्यु पंचक22:03 –00:17, 5 नव॰
  • अग्नि पंचक00:17 –02:26, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:26 –04:34, 5 नव॰
  • राज पंचक04:34 –05:50, 5 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:38 –06:50
  • वृश्चिक06:50 –09:05
  • धनु09:05 –11:11
  • मकर11:11 –12:59
  • कुम्भ12:59 –14:35
  • मीन14:35 –16:08
  • मेष16:08 –17:51
  • वृषभ17:51 –19:50
  • मिथुन19:50 –22:03
  • कर्क22:03 –00:17, 5 नव॰
  • सिंह00:17 –02:26, 5 नव॰
  • कन्या02:26 –04:34, 5 नव॰
  • तुला04:34 –06:46, 5 नव॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 4 नवंबर 2027

गुरुवार, 4 नवंबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 17:11 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 21:38 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 15:24 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग धृति 20:01 तक, फिर शूल; करण कौलव 08:31 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:55–14:20, अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल षष्ठी 21:38 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 05:50, भुवनेश्वर)।

4 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 15:24 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 22:06 तक।

भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:55–14:20, यमगण्ड 05:50–07:15, गुलिक काल 08:40–10:05।

भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:11, चंद्रोदय 10:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 नवंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:09–04:59। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 नवंबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

छठ पूजा (संध्या अर्घ्य)।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2460° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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