गौरी पंचांगम · वाराणसी

रविवार, 4 जनवरी 203206:4417:21

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:44
  • उथिशुभ06:44 –08:04
  • अमिर्दाश्रेष्ठ08:04 –09:24
  • रोगम्अनिष्ट09:24 –10:43
  • लाभम्लाभ10:43 –12:03
  • धनम्धन12:03 –13:22
  • सुगम्शुभ13:22 –14:42
  • सोरम्अशुभ14:42 –16:02
  • विषम्अशुभ16:02 –17:21राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:21
  • धनम्धन17:21 –19:02
  • सुगम्शुभ19:02 –20:42
  • सोरम्अशुभ20:42 –22:22
  • विषम्अशुभ22:22 –00:03, 5 जन॰
  • उथिशुभ00:03, 5 जन॰ –01:43, 5 जन॰
  • अमिर्दाश्रेष्ठ01:43, 5 जन॰ –03:24, 5 जन॰
  • रोगम्अनिष्ट03:24, 5 जन॰ –05:04, 5 जन॰
  • लाभम्लाभ05:04, 5 जन॰ –06:45, 5 जन॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

वाराणसी में 4 जनवरी 2032 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:21।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर