गौरी पंचांगम · वाराणसी
शनिवार, 11 अक्टूबर 203105:5417:35
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:54
- सोरम्अशुभ05:54 –07:22
- उथिशुभ07:22 –08:50
- विषम्अशुभ08:50 –10:17राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ10:17 –11:45
- रोगम्अनिष्ट11:45 –13:12
- लाभम्लाभ13:12 –14:40
- धनम्धन14:40 –16:08
- सुगम्शुभ16:08 –17:35
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:35
- लाभम्लाभ17:35 –19:08
- धनम्धन19:08 –20:40
- सुगम्शुभ20:40 –22:13
- सोरम्अशुभ22:13 –23:45
- उथिशुभ23:45 –01:17, 12 अक्टू॰
- विषम्अशुभ01:17, 12 अक्टू॰ –02:50, 12 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ02:50, 12 अक्टू॰ –04:22, 12 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ04:22, 12 अक्टू॰ –05:55, 12 अक्टू॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 11 अक्टूबर 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 17:35।