गौरी पंचांगम · वाराणसी
शुक्रवार, 18 जुलाई 203105:1818:50
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:18
- सुगम्शुभ05:18 –07:00
- सोरम्अशुभ07:00 –08:41
- उथिशुभ08:41 –10:23
- विषम्अशुभ10:23 –12:04राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:04 –13:46
- रोगम्अनिष्ट13:46 –15:27
- लाभम्लाभ15:27 –17:09
- धनम्धन17:09 –18:50
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:50
- रोगम्अनिष्ट18:50 –20:09
- लाभम्लाभ20:09 –21:27
- धनम्धन21:27 –22:46
- सुगम्शुभ22:46 –00:04, 19 जुल॰
- सोरम्अशुभ00:04, 19 जुल॰ –01:23, 19 जुल॰
- उथिशुभ01:23, 19 जुल॰ –02:42, 19 जुल॰
- विषम्अशुभ02:42, 19 जुल॰ –04:00, 19 जुल॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:00, 19 जुल॰ –05:19, 19 जुल॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 18 जुलाई 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:18, सूर्यास्त 18:50।