गौरी पंचांगम · वाराणसी
रविवार, 4 मई 203105:2018:30
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:20
- उथिशुभ05:20 –06:59
- अमिर्दाश्रेष्ठ06:59 –08:38
- रोगम्अनिष्ट08:38 –10:16
- लाभम्लाभ10:16 –11:55
- धनम्धन11:55 –13:34
- सुगम्शुभ13:34 –15:13
- सोरम्अशुभ15:13 –16:51
- विषम्अशुभ16:51 –18:30राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:30
- धनम्धन18:30 –19:51
- सुगम्शुभ19:51 –21:12
- सोरम्अशुभ21:12 –22:34
- विषम्अशुभ22:34 –23:55
- उथिशुभ23:55 –01:16, 5 मई
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:16, 5 मई –02:37, 5 मई
- रोगम्अनिष्ट02:37, 5 मई –03:58, 5 मई
- लाभम्लाभ03:58, 5 मई –05:20, 5 मई
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 4 मई 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:20, सूर्यास्त 18:30।