गौरी पंचांगम · वाराणसी
बुधवार, 16 अप्रैल 203105:3518:21
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:35
- लाभम्लाभ05:35 –07:11
- धनम्धन07:11 –08:47
- सुगम्शुभ08:47 –10:22
- सोरम्अशुभ10:22 –11:58
- विषम्अशुभ11:58 –13:34राहुकाल
- उथिशुभ13:34 –15:10
- अमिर्दाश्रेष्ठ15:10 –16:45
- रोगम्अनिष्ट16:45 –18:21
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:21
- उथिशुभ18:21 –19:45
- अमिर्दाश्रेष्ठ19:45 –21:09
- रोगम्अनिष्ट21:09 –22:34
- लाभम्लाभ22:34 –23:58
- धनम्धन23:58 –01:22, 17 अप्रैल
- सुगम्शुभ01:22, 17 अप्रैल –02:46, 17 अप्रैल
- सोरम्अशुभ02:46, 17 अप्रैल –04:10, 17 अप्रैल
- विषम्अशुभ04:10, 17 अप्रैल –05:34, 17 अप्रैल
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 16 अप्रैल 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 18:21।