गौरी पंचांगम · वाराणसी
रविवार, 13 अप्रैल 203105:3818:20
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:38
- उथिशुभ05:38 –07:13
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:13 –08:48
- रोगम्अनिष्ट08:48 –10:24
- लाभम्लाभ10:24 –11:59
- धनम्धन11:59 –13:34
- सुगम्शुभ13:34 –15:09
- सोरम्अशुभ15:09 –16:45
- विषम्अशुभ16:45 –18:20राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:20
- धनम्धन18:20 –19:44
- सुगम्शुभ19:44 –21:09
- सोरम्अशुभ21:09 –22:34
- विषम्अशुभ22:34 –23:58
- उथिशुभ23:58 –01:23, 14 अप्रैल
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:23, 14 अप्रैल –02:48, 14 अप्रैल
- रोगम्अनिष्ट02:48, 14 अप्रैल –04:12, 14 अप्रैल
- लाभम्लाभ04:12, 14 अप्रैल –05:37, 14 अप्रैल
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 13 अप्रैल 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 18:20।