गौरी पंचांगम · वाराणसी

शुक्रवार, 11 अप्रैल 203105:4018:19

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:40
  • सुगम्शुभ05:40 –07:15
  • सोरम्अशुभ07:15 –08:50
  • उथिशुभ08:50 –10:25
  • विषम्अशुभ10:25 –11:59राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ11:59 –13:34
  • रोगम्अनिष्ट13:34 –15:09
  • लाभम्लाभ15:09 –16:44
  • धनम्धन16:44 –18:19
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:19
  • रोगम्अनिष्ट18:19 –19:44
  • लाभम्लाभ19:44 –21:09
  • धनम्धन21:09 –22:34
  • सुगम्शुभ22:34 –23:59
  • सोरम्अशुभ23:59 –01:24, 12 अप्रैल
  • उथिशुभ01:24, 12 अप्रैल –02:49, 12 अप्रैल
  • विषम्अशुभ02:49, 12 अप्रैल –04:14, 12 अप्रैल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ04:14, 12 अप्रैल –05:39, 12 अप्रैल

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

वाराणसी में 11 अप्रैल 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 18:19।

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