गौरी पंचांगम · वाराणसी

मंगलवार, 4 मार्च 203106:1918:01

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:19
  • रोगम्अनिष्ट06:19 –07:47
  • लाभम्लाभ07:47 –09:14
  • धनम्धन09:14 –10:42
  • सुगम्शुभ10:42 –12:10
  • सोरम्अशुभ12:10 –13:38
  • उथिशुभ13:38 –15:06
  • विषम्अशुभ15:06 –16:34राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ16:34 –18:01
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:01
  • सोरम्अशुभ18:01 –19:33
  • उथिशुभ19:33 –21:06
  • विषम्अशुभ21:06 –22:38
  • अमिर्दाश्रेष्ठ22:38 –00:10, 5 मार्च
  • रोगम्अनिष्ट00:10, 5 मार्च –01:42, 5 मार्च
  • लाभम्लाभ01:42, 5 मार्च –03:14, 5 मार्च
  • धनम्धन03:14, 5 मार्च –04:46, 5 मार्च
  • सुगम्शुभ04:46, 5 मार्च –06:18, 5 मार्च

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

वाराणसी में 4 मार्च 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:01।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर