गौरी पंचांगम · वाराणसी
मंगलवार, 1 अक्टूबर 203005:5017:45
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:50
- रोगम्अनिष्ट05:50 –07:19
- लाभम्लाभ07:19 –08:49
- धनम्धन08:49 –10:18
- सुगम्शुभ10:18 –11:48
- सोरम्अशुभ11:48 –13:17
- उथिशुभ13:17 –14:46
- विषम्अशुभ14:46 –16:16राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ16:16 –17:45
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:45
- सोरम्अशुभ17:45 –19:16
- उथिशुभ19:16 –20:47
- विषम्अशुभ20:47 –22:17
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:17 –23:48
- रोगम्अनिष्ट23:48 –01:19, 2 अक्टू॰
- लाभम्लाभ01:19, 2 अक्टू॰ –02:49, 2 अक्टू॰
- धनम्धन02:49, 2 अक्टू॰ –04:20, 2 अक्टू॰
- सुगम्शुभ04:20, 2 अक्टू॰ –05:51, 2 अक्टू॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 1 अक्टूबर 2030 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:45।