गौरी पंचांगम · वाराणसी
शुक्रवार, 4 सितंबर 202605:4018:14
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:40
- सुगम्शुभ05:40 –07:14
- सोरम्अशुभ07:14 –08:48
- उथिशुभ08:48 –10:23
- विषम्अशुभ10:23 –11:57राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ11:57 –13:31
- रोगम्अनिष्ट13:31 –15:06
- लाभम्लाभ15:06 –16:40
- धनम्धन16:40 –18:14
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:14
- रोगम्अनिष्ट18:14 –19:40
- लाभम्लाभ19:40 –21:06
- धनम्धन21:06 –22:31
- सुगम्शुभ22:31 –23:57
- सोरम्अशुभ23:57 –01:23, 5 सित॰
- उथिशुभ01:23, 5 सित॰ –02:49, 5 सित॰
- विषम्अशुभ02:49, 5 सित॰ –04:14, 5 सित॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:14, 5 सित॰ –05:40, 5 सित॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 4 सितंबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 18:14।