शुभ होरा · वाराणसी

शुक्रवार, 4 सितंबर 202605:4018:14

दिनसूर्योदय से · 05:40
ग्रहसमय
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद05:40 –06:43
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद06:43 –07:46
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:46 –08:48
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें08:48 –09:51
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ09:51 –10:54
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें10:54 –11:57
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि11:57 –13:00
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद13:00 –14:03
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद14:03 –15:06
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य15:06 –16:09
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें16:09 –17:11
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ17:11 –18:14
रातसूर्यास्त से · 18:14
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें18:14 –19:11
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि19:11 –20:09
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद20:09 –21:06
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद21:06 –22:03
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य22:03 –23:00
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें23:00 –23:57
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ23:57 –00:54, 5 सित॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें00:54, 5 सित॰ –01:52, 5 सित॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि01:52, 5 सित॰ –02:49, 5 सित॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद02:49, 5 सित॰ –03:46, 5 सित॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद03:46, 5 सित॰ –04:43, 5 सित॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य04:43, 5 सित॰ –05:40, 5 सित॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 4 सितंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:40 पर पहली होरा शुक्र की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर