गौरी पंचांगम · जयपुर

मंगलवार, 4 अप्रैल 202306:1518:45

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:15
  • रोगम्अनिष्ट06:15 –07:49
  • लाभम्लाभ07:49 –09:23
  • धनम्धन09:23 –10:56
  • सुगम्शुभ10:56 –12:30
  • सोरम्अशुभ12:30 –14:04
  • उथिशुभ14:04 –15:38
  • विषम्अशुभ15:38 –17:12राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ17:12 –18:45
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:45
  • सोरम्अशुभ18:45 –20:11
  • उथिशुभ20:11 –21:37
  • विषम्अशुभ21:37 –23:04
  • अमिर्दाश्रेष्ठ23:04 –00:30, 5 अप्रैल
  • रोगम्अनिष्ट00:30, 5 अप्रैल –01:56, 5 अप्रैल
  • लाभम्लाभ01:56, 5 अप्रैल –03:22, 5 अप्रैल
  • धनम्धन03:22, 5 अप्रैल –04:48, 5 अप्रैल
  • सुगम्शुभ04:48, 5 अप्रैल –06:14, 5 अप्रैल

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

जयपुर में 4 अप्रैल 2023 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:45।

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