पंचांग · मंगलवार, 4 अप्रैल 2023जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल त्रयोदशी08:05 तक
- शुक्ल चतुर्दशी09:19, 5 अप्रैल तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र09:36 तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य11:23, 5 अप्रैल तक
- वृद्धि03:39, 5 अप्रैल तक
- ध्रुव03:16, 6 अप्रैल तक
- तैतिल08:05 तक
- गर20:46 तक
- वणिज09:19, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:18
- सूर्यास्त
- 18:45बिंब मध्य 18:41
- चंद्रोदय
- 17:12
- चंद्रास्त
- 05:18
- दिनमान
- 12h 30m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- सिंह16:05 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:29
- प्रातः संध्या05:06 –06:15
- अभिजित मुहूर्त12:05 –12:55
- विजय मुहूर्त14:35 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:45 –19:08
- सायाह्न संध्या18:45 –19:54
- निशीथ मुहूर्त00:07 –00:53, 5 अप्रैल
- अमृत काल03:39 –05:22, 5 अप्रैल
- राहु काल15:38 –17:12
- यमगंड09:23 –10:56
- गुलिक काल12:30 –14:04
- दुर्मुहूर्त08:45 –09:35
- दुर्मुहूर्त23:21 –00:07, 5 अप्रैल
- वर्ज्य17:20 –19:03
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:15 – 07:49
- उद्वेगअशुभ07:49 – 09:23
- चरसम09:23 – 10:56
- लाभलाभ10:56 – 12:30
- अमृतश्रेष्ठ12:30 – 14:04
- कालहानि14:04 – 15:38
- शुभशुभ15:38 – 17:12
- रोगअनिष्ट17:12 – 18:45
- कालहानि18:45 – 20:11
- लाभलाभ20:11 – 21:37
- उद्वेगअशुभ21:37 – 23:04
- शुभशुभ23:04 – 00:30
- अमृतश्रेष्ठ00:30 – 01:56
- चरसम01:56 – 03:22
- रोगअनिष्ट03:22 – 04:48
- कालहानि04:48 – 06:14
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:15–07:18 |
| सूर्य | 07:18–08:20 |
| शुक्र | 08:20–09:23 |
| बुध | 09:23–10:25 |
| चन्द्र | 10:25–11:28 |
| शनि | 11:28–12:30 |
| गुरु | 12:30–13:33 |
| मंगल | 13:33–14:35 |
| सूर्य | 14:35–15:38 |
| शुक्र | 15:38–16:40 |
| बुध | 16:40–17:43 |
| चन्द्र | 17:43–18:45 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:45–19:43 |
| गुरु | 19:43–20:40 |
| मंगल | 20:40–21:37 |
| सूर्य | 21:37–22:35 |
| शुक्र | 22:35–23:32 |
| बुध | 23:32–00:30 |
| चन्द्र | 00:30–01:27 |
| शनि | 01:27–02:24 |
| गुरु | 02:24–03:22 |
| मंगल | 03:22–04:19 |
| सूर्य | 04:19–05:17 |
| शुक्र | 05:17–06:14 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद09:36 तक
- उत्तर फाल्गुनी 1 पद16:05 तक
- उत्तर फाल्गुनी 2 पद22:33 तक
- उत्तर फाल्गुनी 3 पद04:59, 5 अप्रैल तक
- उत्तर फाल्गुनी 4 पद11:23, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 30m
- रात्रिमान
- 11h 29m
- मध्याह्न
- 12:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पूर्व · 16:05 तकदक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 08:05 तकपाताल
- शिववास
- नंदी पर · 08:05 तकभोजन में
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:15 –06:48
- मृत्यु पंचक06:48 –08:05
- अग्नि पंचक08:05 –08:25
- शुभ मुहूर्त08:25 –09:36
- राज पंचक09:36 –10:21
- शुभ मुहूर्त10:21 –12:36
- चोर पंचक12:36 –14:55
- शुभ मुहूर्त14:55 –17:10
- रोग पंचक17:10 –19:25
- शुभ मुहूर्त19:25 –21:43
- मृत्यु पंचक21:43 –00:00, 5 अप्रैल
- अग्नि पंचक00:00 –02:05, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:05 –03:48, 5 अप्रैल
- राज पंचक03:48 –05:18, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:18 –06:14, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:21 –06:48
- मेष06:48 –08:25
- वृषभ08:25 –10:21
- मिथुन10:21 –12:36
- कर्क12:36 –14:55
- सिंह14:55 –17:10
- कन्या17:10 –19:25
- तुला19:25 –21:43
- वृश्चिक21:43 –00:00, 5 अप्रैल
- धनु00:00 –02:05, 5 अप्रैल
- मकर02:05 –03:48, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:48 –05:18, 5 अप्रैल
- मीन05:18 –06:44, 5 अप्रैल
पंचांग · जयपुर, 4 अप्रैल 2023
मंगलवार, 4 अप्रैल 2023 को जयपुर में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:45 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 08:05 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 09:36 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वृद्धि 5 अप्रैल 03:39 तक, फिर ध्रुव; करण तैतिल 08:05 तक, फिर गर। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 15:38–17:12, अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 4 अप्रैल 2023 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल त्रयोदशी 08:05 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 06:15, जयपुर)।
4 अप्रैल 2023 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्व फाल्गुनी 09:36 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 16:05 तक।
जयपुर में 4 अप्रैल 2023 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:38–17:12, यमगण्ड 09:23–10:56, गुलिक काल 12:30–14:04।
जयपुर में 4 अप्रैल 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:45, चंद्रोदय 17:12 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1819° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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