पंचांग · सोमवार, 3 अप्रैल 2023जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वादशी06:24 तक
- शुक्ल त्रयोदशी08:05, 4 अप्रैल तक
- मघास्वामी केतु07:24 तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र09:36, 4 अप्रैल तक
- गण्ड03:40, 4 अप्रैल तक
- वृद्धि03:39, 5 अप्रैल तक
- बालव06:24 तक
- कौलव19:18 तक
- तैतिल08:05, 4 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:16बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:45बिंब मध्य 18:41
- चंद्रोदय
- 16:18
- चंद्रास्त
- 04:48
- दिनमान
- 12h 29m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- सिंह16:05, 4 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:30
- प्रातः संध्या05:07 –06:16
- अभिजित मुहूर्त12:05 –12:55
- विजय मुहूर्त14:35 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:45 –19:08
- सायाह्न संध्या18:45 –19:54
- निशीथ मुहूर्त00:07 –00:53, 4 अप्रैल
- अमृत काल04:44 –06:30
- अमृत काल02:37 –04:22, 4 अप्रैल
- राहु काल07:50 –09:23
- यमगंड10:57 –12:30
- गुलिक काल14:04 –15:38
- दुर्मुहूर्त12:55 –13:45
- दुर्मुहूर्त15:25 –16:15
- वर्ज्य16:08 –17:53
- गंड मूल06:16 –07:24
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:16 – 07:50
- कालहानि07:50 – 09:23
- शुभशुभ09:23 – 10:57
- रोगअनिष्ट10:57 – 12:30
- उद्वेगअशुभ12:30 – 14:04
- चरसम14:04 – 15:38
- लाभलाभ15:38 – 17:11
- अमृतश्रेष्ठ17:11 – 18:45
- चरसम18:45 – 20:11
- रोगअनिष्ट20:11 – 21:37
- कालहानि21:37 – 23:04
- लाभलाभ23:04 – 00:30
- उद्वेगअशुभ00:30 – 01:56
- शुभशुभ01:56 – 03:22
- अमृतश्रेष्ठ03:22 – 04:49
- चरसम04:49 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:16–07:18 |
| शनि | 07:18–08:21 |
| गुरु | 08:21–09:23 |
| मंगल | 09:23–10:26 |
| सूर्य | 10:26–11:28 |
| शुक्र | 11:28–12:30 |
| बुध | 12:30–13:33 |
| चन्द्र | 13:33–14:35 |
| शनि | 14:35–15:38 |
| गुरु | 15:38–16:40 |
| मंगल | 16:40–17:42 |
| सूर्य | 17:42–18:45 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:45–19:42 |
| बुध | 19:42–20:40 |
| चन्द्र | 20:40–21:37 |
| शनि | 21:37–22:35 |
| गुरु | 22:35–23:32 |
| मंगल | 23:32–00:30 |
| सूर्य | 00:30–01:27 |
| शुक्र | 01:27–02:25 |
| बुध | 02:25–03:22 |
| चन्द्र | 03:22–04:20 |
| शनि | 04:20–05:17 |
| गुरु | 05:17–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मघा 4 पद07:24 तक
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद13:59 तक
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद20:33 तक
- पूर्व फाल्गुनी 3 पद03:05, 4 अप्रैल तक
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद09:36, 4 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 29m
- रात्रिमान
- 11h 30m
- मध्याह्न
- 12:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:24 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 06:24 तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:16 –06:24
- मृत्यु पंचक06:24 –06:52
- रोग पंचक06:52 –07:24
- शुभ मुहूर्त07:24 –08:29
- मृत्यु पंचक08:29 –10:25
- अग्नि पंचक10:25 –12:40
- शुभ मुहूर्त12:40 –14:59
- राज पंचक14:59 –17:14
- शुभ मुहूर्त17:14 –19:29
- चोर पंचक19:29 –21:46
- शुभ मुहूर्त21:46 –00:04, 4 अप्रैल
- रोग पंचक00:04 –02:09, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:09 –03:52, 4 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:52 –05:21, 4 अप्रैल
- अग्नि पंचक05:21 –06:15, 4 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:25 –06:52
- मेष06:52 –08:29
- वृषभ08:29 –10:25
- मिथुन10:25 –12:40
- कर्क12:40 –14:59
- सिंह14:59 –17:14
- कन्या17:14 –19:29
- तुला19:29 –21:46
- वृश्चिक21:46 –00:04, 4 अप्रैल
- धनु00:04 –02:09, 4 अप्रैल
- मकर02:09 –03:52, 4 अप्रैल
- कुम्भ03:52 –05:21, 4 अप्रैल
- मीन05:21 –06:48, 4 अप्रैल
पंचांग · जयपुर, 3 अप्रैल 2023
सोमवार, 3 अप्रैल 2023 को जयपुर में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 18:45 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 06:24 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र मघा 07:24 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग गण्ड 4 अप्रैल 03:40 तक, फिर वृद्धि; करण बालव 06:24 तक, फिर कौलव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 07:50–09:23, अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 3 अप्रैल 2023 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वादशी 06:24 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 06:16, जयपुर)।
3 अप्रैल 2023 को कौन सा नक्षत्र है?
मघा 07:24 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 4 अप्रैल 16:05 तक।
जयपुर में 3 अप्रैल 2023 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:50–09:23, यमगण्ड 10:57–12:30, गुलिक काल 14:04–15:38।
जयपुर में 3 अप्रैल 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:45, चंद्रोदय 16:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अप्रैल 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
3 अप्रैल 2023 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
सोम प्रदोष।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1819° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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