गौरी पंचांगम · हरिद्वार
रविवार, 4 अक्टूबर 202606:1218:00
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:12
- उथिशुभ06:12 –07:41
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:41 –09:09
- रोगम्अनिष्ट09:09 –10:37
- लाभम्लाभ10:37 –12:06
- धनम्धन12:06 –13:34
- सुगम्शुभ13:34 –15:03
- सोरम्अशुभ15:03 –16:31
- विषम्अशुभ16:31 –18:00राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:00
- धनम्धन18:00 –19:31
- सुगम्शुभ19:31 –21:03
- सोरम्अशुभ21:03 –22:35
- विषम्अशुभ22:35 –00:06, 5 अक्टू॰
- उथिशुभ00:06, 5 अक्टू॰ –01:38, 5 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:38, 5 अक्टू॰ –03:09, 5 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:09, 5 अक्टू॰ –04:41, 5 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:41, 5 अक्टू॰ –06:13, 5 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 4 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:00।