लग्न सारणी · हरिद्वार
रविवार, 4 अक्टूबर 202606:1218:00
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 17 मि.05:00 –07:17
- 7तुलाचर2 घं. 21 मि.07:17 –09:38
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 19 मि.09:38 –11:57
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.11:57 –14:01
- 10मकरचर1 घं. 41 मि.14:01 –15:42
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 26 मि.15:42 –17:08
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 24 मि.17:08 –18:32
- 1मेषचर1 घं. 34 मि.18:32 –20:06
- 2वृषभस्थिर1 घं. 55 मि.20:06 –22:01
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.22:01 –00:16, 5 अक्टू॰
- 4कर्कचर2 घं. 21 मि.00:16, 5 अक्टू॰ –02:37, 5 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 19 मि.02:37, 5 अक्टू॰ –04:56, 5 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 17 मि.04:56, 5 अक्टू॰ –07:13, 5 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
हरिद्वार में 4 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:12 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।