पंचांग · सोमवार, 13 अक्टूबर 2031वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वादशी13:22 तक
- कृष्ण त्रयोदशी14:05, 14 अक्टू॰ तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र03:04, 14 अक्टू॰ तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य04:04, 15 अक्टू॰ तक
- शुक्ल22:17 तक
- ब्रह्मा21:36, 14 अक्टू॰ तक
- तैतिल13:22 तक
- गर01:48, 14 अक्टू॰ तक
- वणिज14:05, 14 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:55बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 17:33बिंब मध्य 17:29
- चंद्रोदय
- 02:58
- चंद्रास्त
- 15:30
- दिनमान
- 11h 38m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- सिंह09:22, 14 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:16 –05:06
- प्रातः संध्या04:41 –05:55
- अभिजित मुहूर्त11:21 –12:08
- विजय मुहूर्त13:41 –14:27
- गोधूलि मुहूर्त17:33 –17:58
- सायाह्न संध्या17:33 –18:48
- निशीथ मुहूर्त23:20 –00:09, 14 अक्टू॰
- अमृत काल20:15 –21:57
- राहु काल07:22 –08:50
- यमगंड10:17 –11:44
- गुलिक काल13:12 –14:39
- दुर्मुहूर्त12:08 –12:54
- दुर्मुहूर्त14:27 –15:14
- वर्ज्य10:01 –11:44
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:55 – 07:22
- कालहानि07:22 – 08:50
- शुभशुभ08:50 – 10:17
- रोगअनिष्ट10:17 – 11:44
- उद्वेगअशुभ11:44 – 13:12
- चरसम13:12 – 14:39
- लाभलाभ14:39 – 16:06
- अमृतश्रेष्ठ16:06 – 17:33
- चरसम17:33 – 19:06
- रोगअनिष्ट19:06 – 20:39
- कालहानि20:39 – 22:12
- लाभलाभ22:12 – 23:44
- उद्वेगअशुभ23:44 – 01:17
- शुभशुभ01:17 – 02:50
- अमृतश्रेष्ठ02:50 – 04:23
- चरसम04:23 – 05:56
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:55–06:53 |
| शनि | 06:53–07:52 |
| गुरु | 07:52–08:50 |
| मंगल | 08:50–09:48 |
| सूर्य | 09:48–10:46 |
| शुक्र | 10:46–11:44 |
| बुध | 11:44–12:42 |
| चन्द्र | 12:42–13:41 |
| शनि | 13:41–14:39 |
| गुरु | 14:39–15:37 |
| मंगल | 15:37–16:35 |
| सूर्य | 16:35–17:33 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:33–18:35 |
| बुध | 18:35–19:37 |
| चन्द्र | 19:37–20:39 |
| शनि | 20:39–21:41 |
| गुरु | 21:41–22:43 |
| मंगल | 22:43–23:44 |
| सूर्य | 23:44–00:46 |
| शुक्र | 00:46–01:48 |
| बुध | 01:48–02:50 |
| चन्द्र | 02:50–03:52 |
| शनि | 03:52–04:54 |
| गुरु | 04:54–05:56 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद07:57 तक
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद14:21 तक
- पूर्व फाल्गुनी 3 पद20:44 तक
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद03:04, 14 अक्टू॰ तक
- उत्तर फाल्गुनी 1 पद09:22, 14 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 38m
- रात्रिमान
- 12h 23m
- मध्याह्न
- 11:44
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 13:22 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 13:22 तकभोजन में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:55 –06:20
- अग्नि पंचक06:20 –08:37
- शुभ मुहूर्त08:37 –10:53
- राज पंचक10:53 –12:58
- शुभ मुहूर्त12:58 –13:22
- चोर पंचक13:22 –14:43
- शुभ मुहूर्त14:43 –16:14
- रोग पंचक16:14 –17:42
- चोर पंचक17:42 –19:20
- शुभ मुहूर्त19:20 –21:18
- रोग पंचक21:18 –23:32
- शुभ मुहूर्त23:32 –01:49, 14 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक01:49 –03:04, 14 अक्टू॰
- अग्नि पंचक03:04 –04:03, 14 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:03 –05:56, 14 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:07 –06:20
- तुला06:20 –08:37
- वृश्चिक08:37 –10:53
- धनु10:53 –12:58
- मकर12:58 –14:43
- कुम्भ14:43 –16:14
- मीन16:14 –17:42
- मेष17:42 –19:20
- वृषभ19:20 –21:18
- मिथुन21:18 –23:32
- कर्क23:32 –01:49, 14 अक्टू॰
- सिंह01:49 –04:03, 14 अक्टू॰
- कन्या04:03 –06:16, 14 अक्टू॰
पंचांग · वाराणसी, 13 अक्टूबर 2031
सोमवार, 13 अक्टूबर 2031 को वाराणसी में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 17:33 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 13:22 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 14 अक्टूबर 03:04 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग शुक्ल 22:17 तक, फिर ब्रह्मा; करण तैतिल 13:22 तक, फिर गर। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:22–08:50, अभिजित मुहूर्त 11:21–12:08। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 13 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वादशी 13:22 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 05:55, वाराणसी)।
13 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्व फाल्गुनी 14 अक्टूबर 03:04 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 14 अक्टूबर 09:22 तक।
वाराणसी में 13 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:22–08:50, यमगण्ड 10:17–11:44, गुलिक काल 13:12–14:39।
वाराणसी में 13 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:33, चंद्रोदय 02:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
13 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:21–12:08, ब्रह्म मुहूर्त 04:16–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
13 अक्टूबर 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
सोम प्रदोष।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3010° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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