पंचांग · रविवार, 4 अप्रैल 2021श्रीनगर

फाल्गुन · कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2077शीतला अष्टमी (बसोड़ा)

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:14सूर्योदय18:54सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण · 02:59, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
02:06, 5 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1418:54
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:19 –18:54
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:14दिन18:54
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:54रात06:13
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण अष्टमी
    02:59, 5 अप्रैल तक
  2. कृष्ण नवमी
    02:19, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    02:06, 5 अप्रैल तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    02:05, 6 अप्रैल तक
योग
  1. परिघ
    18:43 तक
  2. शिव
    16:53, 5 अप्रैल तक
करण
  1. बालव
    15:32 तक
  2. कौलव
    02:59, 5 अप्रैल तक
  3. तैतिल
    14:35, 5 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:14
बिंब मध्य 06:18
सूर्यास्त
18:54
बिंब मध्य 18:49
चंद्रोदय
01:26
चंद्रास्त
11:19
दिनमान
12h 40m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
धनु
08:02, 5 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:29
  • प्रातः संध्या05:06 –06:14
  • अभिजित मुहूर्त12:09 –12:59
  • विजय मुहूर्त14:41 –15:31
  • गोधूलि मुहूर्त18:54 –19:16
  • सायाह्न संध्या18:54 –20:02
  • निशीथ मुहूर्त00:11 –00:56, 5 अप्रैल
  • अमृत काल21:24 –22:58
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:19 –18:54
  • यमगंड12:34 –14:09
  • गुलिक काल15:44 –17:19
  • दुर्मुहूर्त17:13 –18:03
  • वर्ज्य12:01 –13:35

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:14 – 07:49
  • चरसम07:49 – 09:24
  • लाभलाभ09:24 – 10:59
  • अमृतश्रेष्ठ10:59 – 12:34
  • कालहानि12:34 – 14:09
  • शुभशुभ14:09 – 15:44
  • रोगअनिष्ट15:44 – 17:19
  • उद्वेगअशुभ17:19 – 18:54
रात
  • शुभशुभ18:54 – 20:19
  • अमृतश्रेष्ठ20:19 – 21:44
  • चरसम21:44 – 23:09
  • रोगअनिष्ट23:09 – 00:33
  • कालहानि00:33 – 01:58
  • लाभलाभ01:58 – 03:23
  • उद्वेगअशुभ03:23 – 04:48
  • शुभशुभ04:48 – 06:13

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:14–07:18
शुक्र07:18–08:21
बुध08:21–09:24
चन्द्र09:24–10:27
शनि10:27–11:31
गुरु11:31–12:34
मंगल12:34–13:37
सूर्य13:37–14:41
शुक्र14:41–15:44
बुध15:44–16:47
चन्द्र16:47–17:51
शनि17:51–18:54
रात
ग्रहसमय
गुरु18:54–19:50
मंगल19:50–20:47
सूर्य20:47–21:44
शुक्र21:44–22:40
बुध22:40–23:37
चन्द्र23:37–00:33
शनि00:33–01:30
गुरु01:30–02:27
मंगल02:27–03:23
सूर्य03:23–04:20
शुक्र04:20–05:16
बुध05:16–06:13

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद08:27 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद14:18 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद20:11 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद02:06, 5 अप्रैल तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद08:02, 5 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 40m
रात्रिमान
11h 19m
मध्याह्न
12:34

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 02:06, 5 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
आकाश · 02:59, 5 अप्रैल तकपाताल
शिववास
गौरी के साथ · 02:59, 5 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:14 –06:44
  • शुभ मुहूर्त06:44 –08:14
  • मृत्यु पंचक08:14 –10:06
  • अग्नि पंचक10:06 –12:22
  • शुभ मुहूर्त12:22 –14:47
  • राज पंचक14:47 –17:11
  • शुभ मुहूर्त17:11 –19:33
  • चोर पंचक19:33 –21:58
  • शुभ मुहूर्त21:58 –00:19, 5 अप्रैल
  • रोग पंचक00:19 –02:06, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:06 –02:22, 5 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:22 –02:59, 5 अप्रैल
  • अग्नि पंचक02:59 –04:00, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:00 –05:21, 5 अप्रैल
  • राज पंचक05:21 –06:13, 5 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:25 –06:44
  • मेष06:44 –08:14
  • वृषभ08:14 –10:06
  • मिथुन10:06 –12:22
  • कर्क12:22 –14:47
  • सिंह14:47 –17:11
  • कन्या17:11 –19:33
  • तुला19:33 –21:58
  • वृश्चिक21:58 –00:19, 5 अप्रैल
  • धनु00:19 –02:22, 5 अप्रैल
  • मकर02:22 –04:00, 5 अप्रैल
  • कुम्भ04:00 –05:21, 5 अप्रैल
  • मीन05:21 –06:40, 5 अप्रैल

पंचांग · श्रीनगर, 4 अप्रैल 2021

रविवार, 4 अप्रैल 2021 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:14 और सूर्यास्त 18:54 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 5 अप्रैल 02:59 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 5 अप्रैल 02:06 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग परिघ 18:43 तक, फिर शिव; करण बालव 15:32 तक, फिर कौलव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 17:19–18:54, अभिजित मुहूर्त 12:09–12:59। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 4 अप्रैल 2021 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण अष्टमी 5 अप्रैल 02:59 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:14, श्रीनगर)।

4 अप्रैल 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 5 अप्रैल 02:06 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 अप्रैल 08:02 तक।

श्रीनगर में 4 अप्रैल 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:19–18:54, यमगण्ड 12:34–14:09, गुलिक काल 15:44–17:19।

श्रीनगर में 4 अप्रैल 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:54, चंद्रोदय 01:26 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अप्रैल 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:09–12:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 अप्रैल 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शीतला अष्टमी (बसोड़ा)।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1540° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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