पंचांग · सोमवार, 1 मार्च 2021शिमला

माघ · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2077

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:48सूर्योदय18:20सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 08:36 तक
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
07:37 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4818:20
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:15 –09:41
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:48दिन18:20
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:20रात06:47
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    08:36 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    05:46, 2 मार्च तक
  3. कृष्ण चतुर्थी
    02:59, 3 मार्च तक
नक्षत्र
  1. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    07:37 तक
  2. हस्तस्वामी चन्द्र
    05:32, 2 मार्च तक
  3. चित्रास्वामी मंगल
    03:29, 3 मार्च तक
योग
  1. शूल
    12:55 तक
  2. गण्ड
    09:25, 2 मार्च तक
करण
  1. गर
    08:36 तक
  2. वणिज
    19:11 तक
  3. विष्टि
    05:46, 2 मार्च तक
  4. बव
    16:22, 2 मार्च तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:48
बिंब मध्य 06:52
सूर्यास्त
18:20
बिंब मध्य 18:15
चंद्रोदय
20:36
चंद्रास्त
08:14
दिनमान
11h 32m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
कन्या
16:30, 2 मार्च तक
सूर्य राशि
कुम्भ

चांद्र पंचांग

अमांत मास
माघ
पूर्णिमांत मास
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:08 –05:58
  • प्रातः संध्या05:33 –06:48
  • अभिजित मुहूर्त12:11 –12:57
  • विजय मुहूर्त14:29 –15:15
  • गोधूलि मुहूर्त18:20 –18:45
  • सायाह्न संध्या18:20 –19:34
  • निशीथ मुहूर्त00:08 –00:58, 2 मार्च
  • अमृत काल00:03 –01:31, 2 मार्च
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:15 –09:41
  • यमगंड11:07 –12:34
  • गुलिक काल14:00 –15:27
  • दुर्मुहूर्त12:57 –13:43
  • दुर्मुहूर्त15:15 –16:01
  • वर्ज्य15:17 –16:45
  • भद्रा19:11 –05:46, 2 मार्च

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:48 – 08:15
  • कालहानि08:15 – 09:41
  • शुभशुभ09:41 – 11:07
  • रोगअनिष्ट11:07 – 12:34
  • उद्वेगअशुभ12:34 – 14:00
  • चरसम14:00 – 15:27
  • लाभलाभ15:27 – 16:53
  • अमृतश्रेष्ठ16:53 – 18:20
रात
  • चरसम18:20 – 19:53
  • रोगअनिष्ट19:53 – 21:26
  • कालहानि21:26 – 23:00
  • लाभलाभ23:00 – 00:33
  • उद्वेगअशुभ00:33 – 02:07
  • शुभशुभ02:07 – 03:40
  • अमृतश्रेष्ठ03:40 – 05:14
  • चरसम05:14 – 06:47

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:48–07:46
शनि07:46–08:43
गुरु08:43–09:41
मंगल09:41–10:39
सूर्य10:39–11:36
शुक्र11:36–12:34
बुध12:34–13:31
चन्द्र13:31–14:29
शनि14:29–15:27
गुरु15:27–16:24
मंगल16:24–17:22
सूर्य17:22–18:20
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:20–19:22
बुध19:22–20:24
चन्द्र20:24–21:26
शनि21:26–22:29
गुरु22:29–23:31
मंगल23:31–00:33
सूर्य00:33–01:36
शुक्र01:36–02:38
बुध02:38–03:40
चन्द्र03:40–04:42
शनि04:42–05:45
गुरु05:45–06:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तर फाल्गुनी 4 पद07:37 तक
  • हस्त 1 पद13:06 तक
  • हस्त 2 पद18:34 तक
  • हस्त 3 पद00:03, 2 मार्च तक
  • हस्त 4 पद05:32, 2 मार्च तक
  • चित्रा 1 पद11:00, 2 मार्च तक
सूर्य नक्षत्र
शतभिषा 3 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
11h 32m
रात्रिमान
12h 27m
मध्याह्न
12:34

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तर फाल्गुनी · 07:37 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
हस्त · 05:32, 2 मार्च तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
चित्रा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:36 तकआकाश · 05:46, 2 मार्च तकपाताल
शिववास
सभा में · 08:36 तकक्रीड़ा में · 05:46, 2 मार्च तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:48 –07:29
  • शुभ मुहूर्त07:29 –07:37
  • रोग पंचक07:37 –08:36
  • शुभ मुहूर्त08:36 –10:24
  • रोग पंचक10:24 –12:18
  • शुभ मुहूर्त12:18 –14:33
  • मृत्यु पंचक14:33 –16:55
  • अग्नि पंचक16:55 –19:15
  • शुभ मुहूर्त19:15 –21:34
  • राज पंचक21:34 –23:56
  • शुभ मुहूर्त23:56 –02:16, 2 मार्च
  • चोर पंचक02:16 –04:20, 2 मार्च
  • शुभ मुहूर्त04:20 –05:32, 2 मार्च
  • रोग पंचक05:32 –05:46, 2 मार्च
  • शुभ मुहूर्त05:46 –06:00, 2 मार्च
  • मृत्यु पंचक06:00 –06:47, 2 मार्च

उदय लग्न

  • कुम्भ06:04 –07:29
  • मीन07:29 –08:51
  • मेष08:51 –10:24
  • वृषभ10:24 –12:18
  • मिथुन12:18 –14:33
  • कर्क14:33 –16:55
  • सिंह16:55 –19:15
  • कन्या19:15 –21:34
  • तुला21:34 –23:56
  • वृश्चिक23:56 –02:16, 2 मार्च
  • धनु02:16 –04:20, 2 मार्च
  • मकर04:20 –06:00, 2 मार्च
  • कुम्भ06:00 –07:25, 2 मार्च

पंचांग · शिमला, 1 मार्च 2021

सोमवार, 1 मार्च 2021 को शिमला में सूर्योदय 06:48 और सूर्यास्त 18:20 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 08:36 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 07:37 तक, फिर हस्त; योग शूल 12:55 तक, फिर गण्ड; करण गर 08:36 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 08:15–09:41, अभिजित मुहूर्त 12:11–12:57। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।

इस दिन के बारे में प्रश्न

शिमला में 1 मार्च 2021 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 08:36 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:48, शिमला)।

1 मार्च 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तर फाल्गुनी 07:37 तक, फिर हस्त। चंद्रमा कन्या राशि में 2 मार्च 16:30 तक।

शिमला में 1 मार्च 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:15–09:41, यमगण्ड 11:07–12:34, गुलिक काल 14:00–15:27।

शिमला में 1 मार्च 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 18:20, चंद्रोदय 20:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 मार्च 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:11–12:57, ब्रह्म मुहूर्त 05:08–05:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

शिमला हिन्दू कैलेंडर मार्च 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1527° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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