पंचांग · शुक्रवार, 4 अप्रैल 2031राँची
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वादशी01:07, 5 अप्रैल तक
- शुक्ल त्रयोदशी00:57, 6 अप्रैल तक
- मघास्वामी केतु22:51 तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र23:23, 5 अप्रैल तक
- शूल16:16 तक
- गण्ड15:15, 5 अप्रैल तक
- बव12:56 तक
- बालव01:07, 5 अप्रैल तक
- कौलव13:07, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:39बिंब मध्य 05:42
- सूर्यास्त
- 18:05बिंब मध्य 18:01
- चंद्रोदय
- 15:03
- चंद्रास्त
- 03:03
- दिनमान
- 12h 26m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- सिंह05:26, 6 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:06 –04:52
- प्रातः संध्या04:29 –05:39
- अभिजित मुहूर्त11:27 –12:17
- विजय मुहूर्त13:57 –14:46
- गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:28
- सायाह्न संध्या18:05 –19:15
- निशीथ मुहूर्त23:28 –00:15, 5 अप्रैल
- अमृत काल20:20 –22:00
- राहु काल10:19 –11:52
- यमगंड14:59 –16:32
- गुलिक काल07:12 –08:45
- दुर्मुहूर्त08:08 –08:58
- दुर्मुहूर्त12:17 –13:07
- वर्ज्य10:15 –11:56
- गंड मूल05:39 –22:51
चौघड़िया
- चरसम05:39 – 07:12
- लाभलाभ07:12 – 08:45
- अमृतश्रेष्ठ08:45 – 10:19
- कालहानि10:19 – 11:52
- शुभशुभ11:52 – 13:25
- रोगअनिष्ट13:25 – 14:59
- उद्वेगअशुभ14:59 – 16:32
- चरसम16:32 – 18:05
- रोगअनिष्ट18:05 – 19:32
- कालहानि19:32 – 20:58
- लाभलाभ20:58 – 22:25
- उद्वेगअशुभ22:25 – 23:52
- शुभशुभ23:52 – 01:18
- अमृतश्रेष्ठ01:18 – 02:45
- चरसम02:45 – 04:11
- रोगअनिष्ट04:11 – 05:38
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:39–06:41 |
| बुध | 06:41–07:43 |
| चन्द्र | 07:43–08:45 |
| शनि | 08:45–09:48 |
| गुरु | 09:48–10:50 |
| मंगल | 10:50–11:52 |
| सूर्य | 11:52–12:54 |
| शुक्र | 12:54–13:57 |
| बुध | 13:57–14:59 |
| चन्द्र | 14:59–16:01 |
| शनि | 16:01–17:03 |
| गुरु | 17:03–18:05 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:05–19:03 |
| सूर्य | 19:03–20:01 |
| शुक्र | 20:01–20:58 |
| बुध | 20:58–21:56 |
| चन्द्र | 21:56–22:54 |
| शनि | 22:54–23:52 |
| गुरु | 23:52–00:49 |
| मंगल | 00:49–01:47 |
| सूर्य | 01:47–02:45 |
| शुक्र | 02:45–03:42 |
| बुध | 03:42–04:40 |
| चन्द्र | 04:40–05:38 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मघा 2 पद10:20 तक
- मघा 3 पद16:37 तक
- मघा 4 पद22:51 तक
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद05:03, 5 अप्रैल तक
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद11:12, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 26m
- रात्रिमान
- 11h 33m
- मध्याह्न
- 11:52
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 01:07, 5 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 01:07, 5 अप्रैल तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक05:39 –06:13
- अग्नि पंचक06:13 –07:53
- शुभ मुहूर्त07:53 –09:51
- राज पंचक09:51 –12:05
- शुभ मुहूर्त12:05 –14:21
- चोर पंचक14:21 –16:33
- शुभ मुहूर्त16:33 –18:44
- रोग पंचक18:44 –20:59
- शुभ मुहूर्त20:59 –22:51
- मृत्यु पंचक22:51 –23:15
- अग्नि पंचक23:15 –01:07, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:07 –01:20, 5 अप्रैल
- राज पंचक01:20 –03:06, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:06 –04:39, 5 अप्रैल
- चोर पंचक04:39 –05:38, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:43 –06:13
- मेष06:13 –07:53
- वृषभ07:53 –09:51
- मिथुन09:51 –12:05
- कर्क12:05 –14:21
- सिंह14:21 –16:33
- कन्या16:33 –18:44
- तुला18:44 –20:59
- वृश्चिक20:59 –23:15
- धनु23:15 –01:20, 5 अप्रैल
- मकर01:20 –03:06, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:06 –04:39, 5 अप्रैल
- मीन04:39 –06:09, 5 अप्रैल
पंचांग · राँची, 4 अप्रैल 2031
शुक्रवार, 4 अप्रैल 2031 को राँची में सूर्योदय 05:39 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 5 अप्रैल 01:07 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र मघा 22:51 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग शूल 16:16 तक, फिर गण्ड; करण बव 12:56 तक, फिर बालव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:19–11:52, अभिजित मुहूर्त 11:27–12:17। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
राँची में 4 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वादशी 5 अप्रैल 01:07 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 05:39, राँची)।
4 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
मघा 22:51 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 6 अप्रैल 05:26 तक।
राँची में 4 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:19–11:52, यमगण्ड 14:59–16:32, गुलिक काल 07:12–08:45।
राँची में 4 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 15:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:27–12:17, ब्रह्म मुहूर्त 04:06–04:52। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
राँची हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2937° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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