पंचांग · गुरुवार, 3 अप्रैल 2031राँची
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी00:36, 4 अप्रैल तक
- शुक्ल द्वादशी01:07, 5 अप्रैल तक
- अश्लेषास्वामी बुध21:39 तक
- मघास्वामी केतु22:51, 4 अप्रैल तक
- धृति16:45 तक
- शूल16:16, 4 अप्रैल तक
- वणिज12:05 तक
- विष्टि00:36, 4 अप्रैल तक
- बव12:56, 4 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:40बिंब मध्य 05:43
- सूर्यास्त
- 18:05बिंब मध्य 18:01
- चंद्रोदय
- 14:10
- चंद्रास्त
- 02:26
- दिनमान
- 12h 25m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- कर्क21:39 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:53
- प्रातः संध्या04:30 –05:40
- अभिजित मुहूर्त11:27 –12:17
- विजय मुहूर्त13:57 –14:46
- गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:28
- सायाह्न संध्या18:05 –19:14
- निशीथ मुहूर्त23:29 –00:15, 4 अप्रैल
- अमृत काल19:55 –21:39
- राहु काल13:26 –14:59
- यमगंड05:40 –07:13
- गुलिक काल08:46 –10:19
- दुर्मुहूर्त09:48 –10:38
- दुर्मुहूर्त14:46 –15:36
- वर्ज्य09:35 –11:18
- गंड मूल05:40 –21:39
- गंड मूल21:39 –05:39, 4 अप्रैल
- भद्रा12:05 –00:36, 4 अप्रैल
चौघड़िया
- शुभशुभ05:40 – 07:13
- रोगअनिष्ट07:13 – 08:46
- उद्वेगअशुभ08:46 – 10:19
- चरसम10:19 – 11:52
- लाभलाभ11:52 – 13:26
- अमृतश्रेष्ठ13:26 – 14:59
- कालहानि14:59 – 16:32
- शुभशुभ16:32 – 18:05
- अमृतश्रेष्ठ18:05 – 19:32
- चरसम19:32 – 20:58
- रोगअनिष्ट20:58 – 22:25
- कालहानि22:25 – 23:52
- लाभलाभ23:52 – 01:19
- उद्वेगअशुभ01:19 – 02:45
- शुभशुभ02:45 – 04:12
- अमृतश्रेष्ठ04:12 – 05:39
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:40–06:42 |
| मंगल | 06:42–07:44 |
| सूर्य | 07:44–08:46 |
| शुक्र | 08:46–09:48 |
| बुध | 09:48–10:50 |
| चन्द्र | 10:50–11:52 |
| शनि | 11:52–12:54 |
| गुरु | 12:54–13:57 |
| मंगल | 13:57–14:59 |
| सूर्य | 14:59–16:01 |
| शुक्र | 16:01–17:03 |
| बुध | 17:03–18:05 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:05–19:03 |
| शनि | 19:03–20:01 |
| गुरु | 20:01–20:58 |
| मंगल | 20:58–21:56 |
| सूर्य | 21:56–22:54 |
| शुक्र | 22:54–23:52 |
| बुध | 23:52–00:50 |
| चन्द्र | 00:50–01:47 |
| शनि | 01:47–02:45 |
| गुरु | 02:45–03:43 |
| मंगल | 03:43–04:41 |
| सूर्य | 04:41–05:39 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 2 पद08:48 तक
- अश्लेषा 3 पद15:14 तक
- अश्लेषा 4 पद21:39 तक
- मघा 1 पद04:01, 4 अप्रैल तक
- मघा 2 पद10:20, 4 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 25m
- रात्रिमान
- 11h 34m
- मध्याह्न
- 11:52
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर · 21:39 तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 00:36, 4 अप्रैल तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 00:36, 4 अप्रैल तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:40 –06:17
- रोग पंचक06:17 –07:57
- शुभ मुहूर्त07:57 –09:55
- मृत्यु पंचक09:55 –12:09
- अग्नि पंचक12:09 –14:25
- शुभ मुहूर्त14:25 –16:37
- राज पंचक16:37 –18:48
- शुभ मुहूर्त18:48 –21:03
- चोर पंचक21:03 –21:39
- शुभ मुहूर्त21:39 –23:19
- रोग पंचक23:19 –00:36, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:36 –01:24, 4 अप्रैल
- मृत्यु पंचक01:24 –03:10, 4 अप्रैल
- अग्नि पंचक03:10 –04:43, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:43 –05:39, 4 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:47 –06:17
- मेष06:17 –07:57
- वृषभ07:57 –09:55
- मिथुन09:55 –12:09
- कर्क12:09 –14:25
- सिंह14:25 –16:37
- कन्या16:37 –18:48
- तुला18:48 –21:03
- वृश्चिक21:03 –23:19
- धनु23:19 –01:24, 4 अप्रैल
- मकर01:24 –03:10, 4 अप्रैल
- कुम्भ03:10 –04:43, 4 अप्रैल
- मीन04:43 –06:13, 4 अप्रैल
पंचांग · राँची, 3 अप्रैल 2031
गुरुवार, 3 अप्रैल 2031 को राँची में सूर्योदय 05:40 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 4 अप्रैल 00:36 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र अश्लेषा 21:39 तक, फिर मघा; योग धृति 16:45 तक, फिर शूल; करण वणिज 12:05 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:26–14:59, अभिजित मुहूर्त 11:27–12:17। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
राँची में 3 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 4 अप्रैल 00:36 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:40, राँची)।
3 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 21:39 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 21:39 तक।
राँची में 3 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:26–14:59, यमगण्ड 05:40–07:13, गुलिक काल 08:46–10:19।
राँची में 3 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 14:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:27–12:17, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:53। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
3 अप्रैल 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
कामदा एकादशी।
राँची हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2937° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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