पंचांग · गुरुवार, 23 अक्टूबर 2031प्रयागराज
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी00:00, 24 अक्टू॰ तक
- शुक्ल नवमी21:51, 24 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य20:53 तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र19:26, 24 अक्टू॰ तक
- धृति22:22 तक
- शूल19:27, 24 अक्टू॰ तक
- विष्टि13:06 तक
- बव00:00, 24 अक्टू॰ तक
- बालव10:55, 24 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:05बिंब मध्य 06:08
- सूर्यास्त
- 17:29बिंब मध्य 17:24
- चंद्रोदय
- 12:28
- चंद्रास्त
- 23:56
- दिनमान
- 11h 24m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मकर06:44, 25 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:24 –05:15
- प्रातः संध्या04:49 –06:05
- अभिजित मुहूर्त11:24 –12:10
- विजय मुहूर्त13:41 –14:26
- गोधूलि मुहूर्त17:29 –17:54
- सायाह्न संध्या17:29 –18:44
- निशीथ मुहूर्त23:22 –00:12, 24 अक्टू॰
- अमृत काल14:52 –16:22
- राहु काल13:12 –14:38
- यमगंड06:05 –07:30
- गुलिक काल08:56 –10:21
- दुर्मुहूर्त09:53 –10:38
- दुर्मुहूर्त14:26 –15:12
- वर्ज्य05:51 –07:21
- वर्ज्य00:38 –02:08, 24 अक्टू॰
- भद्रा06:05 –13:06
चौघड़िया
- शुभशुभ06:05 – 07:30
- रोगअनिष्ट07:30 – 08:56
- उद्वेगअशुभ08:56 – 10:21
- चरसम10:21 – 11:47
- लाभलाभ11:47 – 13:12
- अमृतश्रेष्ठ13:12 – 14:38
- कालहानि14:38 – 16:03
- शुभशुभ16:03 – 17:29
- अमृतश्रेष्ठ17:29 – 19:03
- चरसम19:03 – 20:38
- रोगअनिष्ट20:38 – 22:12
- कालहानि22:12 – 23:47
- लाभलाभ23:47 – 01:22
- उद्वेगअशुभ01:22 – 02:56
- शुभशुभ02:56 – 04:31
- अमृतश्रेष्ठ04:31 – 06:06
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:05–07:02 |
| मंगल | 07:02–07:59 |
| सूर्य | 07:59–08:56 |
| शुक्र | 08:56–09:53 |
| बुध | 09:53–10:50 |
| चन्द्र | 10:50–11:47 |
| शनि | 11:47–12:44 |
| गुरु | 12:44–13:41 |
| मंगल | 13:41–14:38 |
| सूर्य | 14:38–15:35 |
| शुक्र | 15:35–16:32 |
| बुध | 16:32–17:29 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:29–18:32 |
| शनि | 18:32–19:35 |
| गुरु | 19:35–20:38 |
| मंगल | 20:38–21:41 |
| सूर्य | 21:41–22:44 |
| शुक्र | 22:44–23:47 |
| बुध | 23:47–00:50 |
| चन्द्र | 00:50–01:53 |
| शनि | 01:53–02:56 |
| गुरु | 02:56–03:59 |
| मंगल | 03:59–05:02 |
| सूर्य | 05:02–06:06 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 2 पद09:36 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद15:14 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद20:53 तक
- श्रवण 1 पद02:31, 24 अक्टू॰ तक
- श्रवण 2 पद08:09, 24 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 24m
- रात्रिमान
- 12h 37m
- मध्याह्न
- 11:47
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 00:00, 24 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 00:00, 24 अक्टू॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:05 –08:02
- चोर पंचक08:02 –10:19
- शुभ मुहूर्त10:19 –12:24
- रोग पंचक12:24 –14:08
- शुभ मुहूर्त14:08 –15:39
- मृत्यु पंचक15:39 –17:07
- रोग पंचक17:07 –18:45
- शुभ मुहूर्त18:45 –20:43
- मृत्यु पंचक20:43 –20:53
- अग्नि पंचक20:53 –22:57
- शुभ मुहूर्त22:57 –00:00, 24 अक्टू॰
- राज पंचक00:00 –01:14, 24 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:14 –03:28, 24 अक्टू॰
- चोर पंचक03:28 –05:41, 24 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:41 –06:06, 24 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:45 –08:02
- वृश्चिक08:02 –10:19
- धनु10:19 –12:24
- मकर12:24 –14:08
- कुम्भ14:08 –15:39
- मीन15:39 –17:07
- मेष17:07 –18:45
- वृषभ18:45 –20:43
- मिथुन20:43 –22:57
- कर्क22:57 –01:14, 24 अक्टू॰
- सिंह01:14 –03:28, 24 अक्टू॰
- कन्या03:28 –05:41, 24 अक्टू॰
- तुला05:41 –07:58, 24 अक्टू॰
पंचांग · प्रयागराज, 23 अक्टूबर 2031
गुरुवार, 23 अक्टूबर 2031 को प्रयागराज में सूर्योदय 06:05 और सूर्यास्त 17:29 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 24 अक्टूबर 00:00 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 20:53 तक, फिर श्रवण; योग धृति 22:22 तक, फिर शूल; करण विष्टि 13:06 तक, फिर बव। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:12–14:38, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:10। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
प्रयागराज में 23 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 24 अक्टूबर 00:00 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:05, प्रयागराज)।
23 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 20:53 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा मकर राशि में 25 अक्टूबर 06:44 तक।
प्रयागराज में 23 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:12–14:38, यमगण्ड 06:05–07:30, गुलिक काल 08:56–10:21।
प्रयागराज में 23 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:29, चंद्रोदय 12:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
23 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:24–12:10, ब्रह्म मुहूर्त 04:24–05:15। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
23 अक्टूबर 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दुर्गा अष्टमी।
प्रयागराज हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3014° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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