पंचांग · बुधवार, 22 अक्टूबर 2031प्रयागराज
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल सप्तमी02:12, 23 अक्टू॰ तक
- शुक्ल अष्टमी00:00, 24 अक्टू॰ तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र22:20 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य20:53, 23 अक्टू॰ तक
- सुकर्मा01:18, 23 अक्टू॰ तक
- धृति22:22, 23 अक्टू॰ तक
- गर15:17 तक
- वणिज02:12, 23 अक्टू॰ तक
- विष्टि13:06, 23 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:04बिंब मध्य 06:08
- सूर्यास्त
- 17:30बिंब मध्य 17:25
- चंद्रोदय
- 11:39
- चंद्रास्त
- 22:53
- दिनमान
- 11h 26m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- धनु03:58, 23 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:24 –05:14
- प्रातः संध्या04:49 –06:04
- अभिजित मुहूर्त11:24 –12:10
- विजय मुहूर्त13:41 –14:27
- गोधूलि मुहूर्त17:30 –17:55
- सायाह्न संध्या17:30 –18:45
- निशीथ मुहूर्त23:22 –00:12, 23 अक्टू॰
- अमृत काल17:49 –19:20
- राहु काल11:47 –13:13
- यमगंड07:30 –08:56
- गुलिक काल10:21 –11:47
- दुर्मुहूर्त11:24 –12:10
- वर्ज्य08:48 –10:18
- वर्ज्य05:51 –07:21, 23 अक्टू॰
- भद्रा02:12 –06:05, 23 अक्टू॰
चौघड़िया
- लाभलाभ06:04 – 07:30
- अमृतश्रेष्ठ07:30 – 08:56
- कालहानि08:56 – 10:21
- शुभशुभ10:21 – 11:47
- रोगअनिष्ट11:47 – 13:13
- उद्वेगअशुभ13:13 – 14:38
- चरसम14:38 – 16:04
- लाभलाभ16:04 – 17:30
- उद्वेगअशुभ17:30 – 19:04
- शुभशुभ19:04 – 20:38
- अमृतश्रेष्ठ20:38 – 22:13
- चरसम22:13 – 23:47
- रोगअनिष्ट23:47 – 01:22
- कालहानि01:22 – 02:56
- लाभलाभ02:56 – 04:31
- उद्वेगअशुभ04:31 – 06:05
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:04–07:02 |
| चन्द्र | 07:02–07:59 |
| शनि | 07:59–08:56 |
| गुरु | 08:56–09:53 |
| मंगल | 09:53–10:50 |
| सूर्य | 10:50–11:47 |
| शुक्र | 11:47–12:44 |
| बुध | 12:44–13:41 |
| चन्द्र | 13:41–14:38 |
| शनि | 14:38–15:35 |
| गुरु | 15:35–16:32 |
| मंगल | 16:32–17:30 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:30–18:32 |
| शुक्र | 18:32–19:35 |
| बुध | 19:35–20:38 |
| चन्द्र | 20:38–21:41 |
| शनि | 21:41–22:44 |
| गुरु | 22:44–23:47 |
| मंगल | 23:47–00:50 |
| सूर्य | 00:50–01:53 |
| शुक्र | 01:53–02:56 |
| बुध | 02:56–03:59 |
| चन्द्र | 03:59–05:02 |
| शनि | 05:02–06:05 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद11:03 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद16:42 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद22:20 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद03:58, 23 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद09:36, 23 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 26m
- रात्रिमान
- 12h 35m
- मध्याह्न
- 11:47
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 03:58, 23 अक्टू॰ तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:12, 23 अक्टू॰ तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 02:12, 23 अक्टू॰ तकश्मशान में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:04 –08:06
- शुभ मुहूर्त08:06 –10:23
- राज पंचक10:23 –12:27
- शुभ मुहूर्त12:27 –14:12
- चोर पंचक14:12 –15:43
- शुभ मुहूर्त15:43 –18:49
- चोर पंचक18:49 –20:47
- शुभ मुहूर्त20:47 –22:20
- रोग पंचक22:20 –23:00
- शुभ मुहूर्त23:00 –01:18, 23 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक01:18 –02:12, 23 अक्टू॰
- अग्नि पंचक02:12 –03:32, 23 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:32 –05:45, 23 अक्टू॰
- राज पंचक05:45 –06:05, 23 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:49 –08:06
- वृश्चिक08:06 –10:23
- धनु10:23 –12:27
- मकर12:27 –14:12
- कुम्भ14:12 –15:43
- मीन15:43 –17:11
- मेष17:11 –18:49
- वृषभ18:49 –20:47
- मिथुन20:47 –23:00
- कर्क23:00 –01:18, 23 अक्टू॰
- सिंह01:18 –03:32, 23 अक्टू॰
- कन्या03:32 –05:45, 23 अक्टू॰
- तुला05:45 –08:02, 23 अक्टू॰
पंचांग · प्रयागराज, 22 अक्टूबर 2031
बुधवार, 22 अक्टूबर 2031 को प्रयागराज में सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 17:30 पर है। तिथि शुक्ल सप्तमी 23 अक्टूबर 02:12 तक, फिर शुक्ल अष्टमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 22:20 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग सुकर्मा 23 अक्टूबर 01:18 तक, फिर धृति; करण गर 15:17 तक, फिर वणिज। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 11:47–13:13, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:10। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
प्रयागराज में 22 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल सप्तमी 23 अक्टूबर 02:12 तक, फिर शुक्ल अष्टमी (सूर्योदय 06:04, प्रयागराज)।
22 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 22:20 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 23 अक्टूबर 03:58 तक।
प्रयागराज में 22 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:47–13:13, यमगण्ड 07:30–08:56, गुलिक काल 10:21–11:47।
प्रयागराज में 22 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 17:30, चंद्रोदय 11:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
22 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:24–12:10, ब्रह्म मुहूर्त 04:24–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
प्रयागराज हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3014° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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