पंचांग · गुरुवार, 4 नवंबर 2021प्रयागराज

आश्विन · अमावस्या · विक्रम संवत 2078दीपावली (लक्ष्मी पूजा)अमावस्या

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:12सूर्योदय17:20सूर्यास्त
तिथि
अमावस्या
कृष्ण · 02:44, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा
07:42 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1217:20
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:09 –14:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:12दिन17:20
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:20रात06:13
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. अमावस्या
    02:44, 5 नव॰ तक
  2. शुक्ल प्रतिपदा
    23:14, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. चित्रास्वामी मंगल
    07:42 तक
  2. स्वातीस्वामी राहु
    05:07, 5 नव॰ तक
  3. विशाखास्वामी गुरु
    02:23, 6 नव॰ तक
योग
  1. प्रीति
    11:10 तक
  2. आयुष्मान्
    07:12, 5 नव॰ तक
करण
  1. चतुष्पाद
    16:26 तक
  2. नाग
    02:44, 5 नव॰ तक
  3. किंस्तुघ्न
    13:00, 5 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:12
बिंब मध्य 06:16
सूर्यास्त
17:20
बिंब मध्य 17:15
चंद्रोदय
05:19
चंद्रास्त
17:04
दिनमान
11h 8m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
तुला
21:04, 5 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:21
  • प्रातः संध्या04:55 –06:12
  • अभिजित मुहूर्त11:24 –12:08
  • विजय मुहूर्त13:37 –14:22
  • गोधूलि मुहूर्त17:20 –17:45
  • सायाह्न संध्या17:20 –18:37
  • निशीथ मुहूर्त23:21 –00:12, 5 नव॰
  • अमृत काल21:16 –22:42
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:09 –14:33
  • यमगंड06:12 –07:36
  • गुलिक काल08:59 –10:23
  • दुर्मुहूर्त09:55 –10:39
  • दुर्मुहूर्त14:22 –15:06
  • वर्ज्य12:42 –14:08

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:12 – 07:36
  • रोगअनिष्ट07:36 – 08:59
  • उद्वेगअशुभ08:59 – 10:23
  • चरसम10:23 – 11:46
  • लाभलाभ11:46 – 13:09
  • अमृतश्रेष्ठ13:09 – 14:33
  • कालहानि14:33 – 15:56
  • शुभशुभ15:56 – 17:20
रात
  • अमृतश्रेष्ठ17:20 – 18:56
  • चरसम18:56 – 20:33
  • रोगअनिष्ट20:33 – 22:10
  • कालहानि22:10 – 23:46
  • लाभलाभ23:46 – 01:23
  • उद्वेगअशुभ01:23 – 03:00
  • शुभशुभ03:00 – 04:36
  • अमृतश्रेष्ठ04:36 – 06:13

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:12–07:08
मंगल07:08–08:04
सूर्य08:04–08:59
शुक्र08:59–09:55
बुध09:55–10:50
चन्द्र10:50–11:46
शनि11:46–12:42
गुरु12:42–13:37
मंगल13:37–14:33
सूर्य14:33–15:28
शुक्र15:28–16:24
बुध16:24–17:20
रात
ग्रहसमय
चन्द्र17:20–18:24
शनि18:24–19:29
गुरु19:29–20:33
मंगल20:33–21:37
सूर्य21:37–22:42
शुक्र22:42–23:46
बुध23:46–00:51
चन्द्र00:51–01:55
शनि01:55–03:00
गुरु03:00–04:04
मंगल04:04–05:09
सूर्य05:09–06:13

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • चित्रा 4 पद07:42 तक
  • स्वाती 1 पद13:05 तक
  • स्वाती 2 पद18:27 तक
  • स्वाती 3 पद23:47 तक
  • स्वाती 4 पद05:07, 5 नव॰ तक
  • विशाखा 1 पद10:27, 5 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 8m
रात्रिमान
12h 53m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
चित्रा · 07:42 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
स्वाती · 05:07, 5 नव॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:44, 5 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 02:44, 5 नव॰ तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:12 –07:12
  • शुभ मुहूर्त07:12 –07:42
  • राज पंचक07:42 –09:29
  • शुभ मुहूर्त09:29 –11:34
  • चोर पंचक11:34 –13:19
  • शुभ मुहूर्त13:19 –14:50
  • रोग पंचक14:50 –16:18
  • चोर पंचक16:18 –17:56
  • शुभ मुहूर्त17:56 –19:53
  • रोग पंचक19:53 –22:07
  • शुभ मुहूर्त22:07 –00:25, 5 नव॰
  • मृत्यु पंचक00:25 –02:39, 5 नव॰
  • अग्नि पंचक02:39 –02:44, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:44 –04:52, 5 नव॰
  • मृत्यु पंचक04:52 –05:07, 5 नव॰
  • अग्नि पंचक05:07 –06:13, 5 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:56 –07:12
  • वृश्चिक07:12 –09:29
  • धनु09:29 –11:34
  • मकर11:34 –13:19
  • कुम्भ13:19 –14:50
  • मीन14:50 –16:18
  • मेष16:18 –17:56
  • वृषभ17:56 –19:53
  • मिथुन19:53 –22:07
  • कर्क22:07 –00:25, 5 नव॰
  • सिंह00:25 –02:39, 5 नव॰
  • कन्या02:39 –04:52, 5 नव॰
  • तुला04:52 –07:09, 5 नव॰

पंचांग · प्रयागराज, 4 नवंबर 2021

गुरुवार, 4 नवंबर 2021 को प्रयागराज में सूर्योदय 06:12 और सूर्यास्त 17:20 पर है। तिथि अमावस्या 5 नवंबर 02:44 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र चित्रा 07:42 तक, फिर स्वाती; योग प्रीति 11:10 तक, फिर आयुष्मान्; करण चतुष्पाद 16:26 तक, फिर नाग। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:09–14:33, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:08। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।

इस दिन के बारे में प्रश्न

प्रयागराज में 4 नवंबर 2021 को कौन सी तिथि है?

अमावस्या 5 नवंबर 02:44 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 06:12, प्रयागराज)।

4 नवंबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

चित्रा 07:42 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा तुला राशि में 5 नवंबर 21:04 तक।

प्रयागराज में 4 नवंबर 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:09–14:33, यमगण्ड 06:12–07:36, गुलिक काल 08:59–10:23।

प्रयागराज में 4 नवंबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 17:20, चंद्रोदय 05:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 नवंबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:24–12:08, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 नवंबर 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

दीपावली (लक्ष्मी पूजा), अमावस्या।

प्रयागराज हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1622° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP