पंचांग · मंगलवार, 4 अप्रैल 2045नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया20:09 तक
- कृष्ण चतुर्थी20:06, 5 अप्रैल तक
- स्वातीस्वामी राहु07:59 तक
- विशाखास्वामी गुरु08:13, 5 अप्रैल तक
- वज्र00:25, 5 अप्रैल तक
- सिद्धि23:22, 5 अप्रैल तक
- वणिज08:27 तक
- विष्टि20:09 तक
- बव08:02, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:08बिंब मध्य 06:11
- सूर्यास्त
- 18:41बिंब मध्य 18:37
- चंद्रोदय
- 21:34
- चंद्रास्त
- 07:22
- दिनमान
- 12h 33m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- तुला02:06, 5 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2102
- शक संवत
- 1967
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:36 –05:22
- प्रातः संध्या04:59 –06:08
- अभिजित मुहूर्त11:59 –12:49
- विजय मुहूर्त14:30 –15:20
- गोधूलि मुहूर्त18:41 –19:04
- सायाह्न संध्या18:41 –19:50
- निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 5 अप्रैल
- अमृत काल23:20 –00:57, 5 अप्रैल
- राहु काल15:33 –17:07
- यमगंड09:16 –10:50
- गुलिक काल12:24 –13:58
- दुर्मुहूर्त08:38 –09:29
- दुर्मुहूर्त23:15 –00:01, 5 अप्रैल
- वर्ज्य13:38 –15:15
- भद्रा08:27 –20:09
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:08 – 07:42
- उद्वेगअशुभ07:42 – 09:16
- चरसम09:16 – 10:50
- लाभलाभ10:50 – 12:24
- अमृतश्रेष्ठ12:24 – 13:58
- कालहानि13:58 – 15:33
- शुभशुभ15:33 – 17:07
- रोगअनिष्ट17:07 – 18:41
- कालहानि18:41 – 20:07
- लाभलाभ20:07 – 21:32
- उद्वेगअशुभ21:32 – 22:58
- शुभशुभ22:58 – 00:24
- अमृतश्रेष्ठ00:24 – 01:49
- चरसम01:49 – 03:15
- रोगअनिष्ट03:15 – 04:41
- कालहानि04:41 – 06:07
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:08–07:10 |
| सूर्य | 07:10–08:13 |
| शुक्र | 08:13–09:16 |
| बुध | 09:16–10:19 |
| चन्द्र | 10:19–11:22 |
| शनि | 11:22–12:24 |
| गुरु | 12:24–13:27 |
| मंगल | 13:27–14:30 |
| सूर्य | 14:30–15:33 |
| शुक्र | 15:33–16:35 |
| बुध | 16:35–17:38 |
| चन्द्र | 17:38–18:41 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:41–19:38 |
| गुरु | 19:38–20:35 |
| मंगल | 20:35–21:32 |
| सूर्य | 21:32–22:29 |
| शुक्र | 22:29–23:27 |
| बुध | 23:27–00:24 |
| चन्द्र | 00:24–01:21 |
| शनि | 01:21–02:18 |
| गुरु | 02:18–03:15 |
| मंगल | 03:15–04:12 |
| सूर्य | 04:12–05:09 |
| शुक्र | 05:09–06:07 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- स्वाती 4 पद07:59 तक
- विशाखा 1 पद13:59 तक
- विशाखा 2 पद20:01 तक
- विशाखा 3 पद02:06, 5 अप्रैल तक
- विशाखा 4 पद08:13, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 33m
- रात्रिमान
- 11h 26m
- मध्याह्न
- 12:24
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 02:06, 5 अप्रैल तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 20:09 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 20:09 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:08 –06:39
- मृत्यु पंचक06:39 –07:59
- अग्नि पंचक07:59 –08:15
- शुभ मुहूर्त08:15 –10:11
- राज पंचक10:11 –12:25
- शुभ मुहूर्त12:25 –14:46
- चोर पंचक14:46 –17:03
- शुभ मुहूर्त17:03 –19:19
- रोग पंचक19:19 –20:09
- शुभ मुहूर्त20:09 –21:39
- मृत्यु पंचक21:39 –23:57
- अग्नि पंचक23:57 –02:01, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:01 –03:43, 5 अप्रैल
- राज पंचक03:43 –05:10, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:10 –06:07, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:14 –06:39
- मेष06:39 –08:15
- वृषभ08:15 –10:11
- मिथुन10:11 –12:25
- कर्क12:25 –14:46
- सिंह14:46 –17:03
- कन्या17:03 –19:19
- तुला19:19 –21:39
- वृश्चिक21:39 –23:57
- धनु23:57 –02:01, 5 अप्रैल
- मकर02:01 –03:43, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:43 –05:10, 5 अप्रैल
- मीन05:10 –06:35, 5 अप्रैल
पंचांग · नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2045
मंगलवार, 4 अप्रैल 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:08 और सूर्यास्त 18:41 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 20:09 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र स्वाती 07:59 तक, फिर विशाखा; योग वज्र 5 अप्रैल 00:25 तक, फिर सिद्धि; करण वणिज 08:27 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 15:33–17:07, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2045 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 20:09 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:08, नई दिल्ली)।
4 अप्रैल 2045 को कौन सा नक्षत्र है?
स्वाती 07:59 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 5 अप्रैल 02:06 तक।
नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2045 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:33–17:07, यमगण्ड 09:16–10:50, गुलिक काल 12:24–13:58।
नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:41, चंद्रोदय 21:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49, ब्रह्म मुहूर्त 04:36–05:22। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अप्रैल 2045 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4893° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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