पंचांग · सोमवार, 3 अप्रैल 2045नई दिल्ली

चैत्र · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2102

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:09सूर्योदय18:40सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 20:55 तक
नक्षत्र
चित्रा
08:24 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0918:40
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:43 –09:17
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:09दिन18:40
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:40रात06:08
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    20:55 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    20:09, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. चित्रास्वामी मंगल
    08:24 तक
  2. स्वातीस्वामी राहु
    07:59, 4 अप्रैल तक
योग
  1. हर्षण
    02:01, 4 अप्रैल तक
  2. वज्र
    00:25, 5 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    09:33 तक
  2. गर
    20:55 तक
  3. वणिज
    08:27, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:09
बिंब मध्य 06:12
सूर्यास्त
18:40
बिंब मध्य 18:36
चंद्रोदय
20:30
चंद्रास्त
06:44
दिनमान
12h 31m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
तुला
02:06, 5 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2102
शक संवत
1967

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:23
  • प्रातः संध्या05:00 –06:09
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:03
  • सायाह्न संध्या18:40 –19:49
  • निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 4 अप्रैल
  • अमृत काल23:20 –00:54, 4 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:43 –09:17
  • यमगंड10:51 –12:25
  • गुलिक काल13:59 –15:32
  • दुर्मुहूर्त12:50 –13:40
  • दुर्मुहूर्त15:20 –16:10
  • वर्ज्य13:54 –15:28

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:09 – 07:43
  • कालहानि07:43 – 09:17
  • शुभशुभ09:17 – 10:51
  • रोगअनिष्ट10:51 – 12:25
  • उद्वेगअशुभ12:25 – 13:59
  • चरसम13:59 – 15:32
  • लाभलाभ15:32 – 17:06
  • अमृतश्रेष्ठ17:06 – 18:40
रात
  • चरसम18:40 – 20:06
  • रोगअनिष्ट20:06 – 21:32
  • कालहानि21:32 – 22:58
  • लाभलाभ22:58 – 00:24
  • उद्वेगअशुभ00:24 – 01:50
  • शुभशुभ01:50 – 03:16
  • अमृतश्रेष्ठ03:16 – 04:42
  • चरसम04:42 – 06:08

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:09–07:11
शनि07:11–08:14
गुरु08:14–09:17
मंगल09:17–10:19
सूर्य10:19–11:22
शुक्र11:22–12:25
बुध12:25–13:27
चन्द्र13:27–14:30
शनि14:30–15:32
गुरु15:32–16:35
मंगल16:35–17:38
सूर्य17:38–18:40
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:40–19:38
बुध19:38–20:35
चन्द्र20:35–21:32
शनि21:32–22:29
गुरु22:29–23:27
मंगल23:27–00:24
सूर्य00:24–01:21
शुक्र01:21–02:19
बुध02:19–03:16
चन्द्र03:16–04:13
शनि04:13–05:10
गुरु05:10–06:08

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • चित्रा 4 पद08:24 तक
  • स्वाती 1 पद14:14 तक
  • स्वाती 2 पद20:07 तक
  • स्वाती 3 पद02:02, 4 अप्रैल तक
  • स्वाती 4 पद07:59, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 31m
रात्रिमान
11h 28m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
चित्रा · 08:24 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
स्वाती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 20:55 तकआकाश
शिववास
सभा में · 20:55 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:09 –08:19
  • रोग पंचक08:19 –08:24
  • शुभ मुहूर्त08:24 –10:15
  • मृत्यु पंचक10:15 –12:29
  • अग्नि पंचक12:29 –14:50
  • शुभ मुहूर्त14:50 –17:07
  • राज पंचक17:07 –19:23
  • शुभ मुहूर्त19:23 –20:55
  • चोर पंचक20:55 –21:43
  • शुभ मुहूर्त21:43 –00:01, 4 अप्रैल
  • रोग पंचक00:01 –02:05, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:05 –03:47, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:47 –05:14, 4 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:14 –06:08, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:18 –06:43
  • मेष06:43 –08:19
  • वृषभ08:19 –10:15
  • मिथुन10:15 –12:29
  • कर्क12:29 –14:50
  • सिंह14:50 –17:07
  • कन्या17:07 –19:23
  • तुला19:23 –21:43
  • वृश्चिक21:43 –00:01, 4 अप्रैल
  • धनु00:01 –02:05, 4 अप्रैल
  • मकर02:05 –03:47, 4 अप्रैल
  • कुम्भ03:47 –05:14, 4 अप्रैल
  • मीन05:14 –06:39, 4 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2045

सोमवार, 3 अप्रैल 2045 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 20:55 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र चित्रा 08:24 तक, फिर स्वाती; योग हर्षण 4 अप्रैल 02:01 तक, फिर वज्र; करण तैतिल 09:33 तक, फिर गर। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 07:43–09:17, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2102, शक संवत 1967।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2045 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 20:55 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:09, नई दिल्ली)।

3 अप्रैल 2045 को कौन सा नक्षत्र है?

चित्रा 08:24 तक, फिर स्वाती। चंद्रमा तुला राशि में 5 अप्रैल 02:06 तक।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2045 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:43–09:17, यमगण्ड 10:51–12:25, गुलिक काल 13:59–15:32।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2045 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 20:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2045 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:23। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2045आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2045मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4893° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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