पंचांग · रविवार, 2 अक्टूबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी04:46, 3 अक्टू॰ तक
- शुक्ल द्वादशी06:02, 4 अक्टू॰ तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र19:44 तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल21:46, 3 अक्टू॰ तक
- सुकर्मा09:34 तक
- धृति09:52, 3 अक्टू॰ तक
- वणिज15:55 तक
- विष्टि04:46, 3 अक्टू॰ तक
- बव17:28, 3 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:18
- सूर्यास्त
- 18:05बिंब मध्य 18:01
- चंद्रोदय
- 15:31
- चंद्रास्त
- 01:35
- दिनमान
- 11h 50m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मकर08:50, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:26
- प्रातः संध्या05:02 –06:15
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:34
- विजय मुहूर्त14:09 –14:56
- गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:30
- सायाह्न संध्या18:05 –19:18
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:35, 3 अक्टू॰
- अमृत काल08:15 –10:01
- राहु काल16:37 –18:05
- यमगंड12:10 –13:39
- गुलिक काल15:08 –16:37
- दुर्मुहूर्त16:31 –17:18
- वर्ज्य00:05 –01:49, 3 अक्टू॰
- भद्रा15:55 –04:46, 3 अक्टू॰
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:15 – 07:44
- चरसम07:44 – 09:12
- लाभलाभ09:12 – 10:41
- अमृतश्रेष्ठ10:41 – 12:10
- कालहानि12:10 – 13:39
- शुभशुभ13:39 – 15:08
- रोगअनिष्ट15:08 – 16:37
- उद्वेगअशुभ16:37 – 18:05
- शुभशुभ18:05 – 19:37
- अमृतश्रेष्ठ19:37 – 21:08
- चरसम21:08 – 22:39
- रोगअनिष्ट22:39 – 00:10
- कालहानि00:10 – 01:42
- लाभलाभ01:42 – 03:13
- उद्वेगअशुभ03:13 – 04:44
- शुभशुभ04:44 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:15–07:14 |
| शुक्र | 07:14–08:13 |
| बुध | 08:13–09:12 |
| चन्द्र | 09:12–10:12 |
| शनि | 10:12–11:11 |
| गुरु | 11:11–12:10 |
| मंगल | 12:10–13:09 |
| सूर्य | 13:09–14:09 |
| शुक्र | 14:09–15:08 |
| बुध | 15:08–16:07 |
| चन्द्र | 16:07–17:06 |
| शनि | 17:06–18:05 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:05–19:06 |
| मंगल | 19:06–20:07 |
| सूर्य | 20:07–21:08 |
| शुक्र | 21:08–22:09 |
| बुध | 22:09–23:10 |
| चन्द्र | 23:10–00:10 |
| शनि | 00:10–01:11 |
| गुरु | 01:11–02:12 |
| मंगल | 02:12–03:13 |
| सूर्य | 03:13–04:14 |
| शुक्र | 04:14–05:15 |
| बुध | 05:15–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- श्रवण 2 पद06:32 तक
- श्रवण 3 पद13:09 तक
- श्रवण 4 पद19:44 तक
- धनिष्ठा 1 पद02:18, 3 अक्टू॰ तक
- धनिष्ठा 2 पद08:50, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 50m
- रात्रिमान
- 12h 10m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 04:46, 3 अक्टू॰ तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 04:46, 3 अक्टू॰ तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:15 –07:27
- शुभ मुहूर्त07:27 –09:46
- चोर पंचक09:46 –12:05
- शुभ मुहूर्त12:05 –14:08
- रोग पंचक14:08 –15:50
- शुभ मुहूर्त15:50 –17:18
- मृत्यु पंचक17:18 –18:43
- रोग पंचक18:43 –19:44
- शुभ मुहूर्त19:44 –20:18
- मृत्यु पंचक20:18 –22:14
- अग्नि पंचक22:14 –00:29, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:29 –02:49, 3 अक्टू॰
- राज पंचक02:49 –04:46, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:46 –05:06, 3 अक्टू॰
- चोर पंचक05:06 –06:15, 3 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:10 –07:27
- तुला07:27 –09:46
- वृश्चिक09:46 –12:05
- धनु12:05 –14:08
- मकर14:08 –15:50
- कुम्भ15:50 –17:18
- मीन17:18 –18:43
- मेष18:43 –20:18
- वृषभ20:18 –22:14
- मिथुन22:14 –00:29, 3 अक्टू॰
- कर्क00:29 –02:49, 3 अक्टू॰
- सिंह02:49 –05:06, 3 अक्टू॰
- कन्या05:06 –07:23, 3 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2044
रविवार, 2 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 3 अक्टूबर 04:46 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र श्रवण 19:44 तक, फिर धनिष्ठा; योग सुकर्मा 09:34 तक, फिर धृति; करण वणिज 15:55 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:37–18:05, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 3 अक्टूबर 04:46 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।
2 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
श्रवण 19:44 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 3 अक्टूबर 08:50 तक।
नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:37–18:05, यमगण्ड 12:10–13:39, गुलिक काल 15:08–16:37।
नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 15:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
2 अक्टूबर 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
पापांकुशा एकादशी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4823° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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