पंचांग · शनिवार, 1 अक्टूबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी02:56, 2 अक्टू॰ तक
- शुक्ल एकादशी04:46, 3 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य17:12 तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र19:44, 2 अक्टू॰ तक
- अतिगण्ड08:55 तक
- सुकर्मा09:34, 2 अक्टू॰ तक
- तैतिल13:51 तक
- गर02:56, 2 अक्टू॰ तक
- वणिज15:55, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:14बिंब मध्य 06:18
- सूर्यास्त
- 18:07बिंब मध्य 18:02
- चंद्रोदय
- 14:56
- चंद्रास्त
- 00:38
- दिनमान
- 11h 53m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मकर08:50, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:26
- प्रातः संध्या05:02 –06:14
- अभिजित मुहूर्त11:47 –12:34
- विजय मुहूर्त14:09 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:07 –18:31
- सायाह्न संध्या18:07 –19:19
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:35, 2 अक्टू॰
- अमृत काल10:03 –11:50
- राहु काल09:12 –10:41
- यमगंड13:40 –15:09
- गुलिक काल06:14 –07:43
- दुर्मुहूर्त06:14 –07:02
- दुर्मुहूर्त07:02 –07:49
- वर्ज्य21:38 –23:24
चौघड़िया
- कालहानि06:14 – 07:43
- शुभशुभ07:43 – 09:12
- रोगअनिष्ट09:12 – 10:41
- उद्वेगअशुभ10:41 – 12:10
- चरसम12:10 – 13:40
- लाभलाभ13:40 – 15:09
- अमृतश्रेष्ठ15:09 – 16:38
- कालहानि16:38 – 18:07
- लाभलाभ18:07 – 19:38
- उद्वेगअशुभ19:38 – 21:09
- शुभशुभ21:09 – 22:40
- अमृतश्रेष्ठ22:40 – 00:11
- चरसम00:11 – 01:42
- रोगअनिष्ट01:42 – 03:13
- कालहानि03:13 – 04:44
- लाभलाभ04:44 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:14–07:14 |
| गुरु | 07:14–08:13 |
| मंगल | 08:13–09:12 |
| सूर्य | 09:12–10:12 |
| शुक्र | 10:12–11:11 |
| बुध | 11:11–12:10 |
| चन्द्र | 12:10–13:10 |
| शनि | 13:10–14:09 |
| गुरु | 14:09–15:09 |
| मंगल | 15:09–16:08 |
| सूर्य | 16:08–17:07 |
| शुक्र | 17:07–18:07 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:07–19:07 |
| चन्द्र | 19:07–20:08 |
| शनि | 20:08–21:09 |
| गुरु | 21:09–22:09 |
| मंगल | 22:09–23:10 |
| सूर्य | 23:10–00:11 |
| शुक्र | 00:11–01:11 |
| बुध | 01:11–02:12 |
| चन्द्र | 02:12–03:13 |
| शनि | 03:13–04:13 |
| गुरु | 04:13–05:14 |
| मंगल | 05:14–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 3 पद10:31 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद17:12 तक
- श्रवण 1 पद23:53 तक
- श्रवण 2 पद06:32, 2 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 53m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 02:56, 2 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 02:56, 2 अक्टू॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:14 –07:30
- शुभ मुहूर्त07:30 –09:50
- मृत्यु पंचक09:50 –12:08
- अग्नि पंचक12:08 –14:12
- शुभ मुहूर्त14:12 –15:54
- राज पंचक15:54 –17:12
- शुभ मुहूर्त17:12 –17:22
- चोर पंचक17:22 –18:47
- राज पंचक18:47 –20:22
- शुभ मुहूर्त20:22 –22:18
- चोर पंचक22:18 –00:33, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:33 –02:53, 2 अक्टू॰
- रोग पंचक02:53 –02:56, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:56 –05:10, 2 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक05:10 –06:15, 2 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:14 –07:30
- तुला07:30 –09:50
- वृश्चिक09:50 –12:08
- धनु12:08 –14:12
- मकर14:12 –15:54
- कुम्भ15:54 –17:22
- मीन17:22 –18:47
- मेष18:47 –20:22
- वृषभ20:22 –22:18
- मिथुन22:18 –00:33, 2 अक्टू॰
- कर्क00:33 –02:53, 2 अक्टू॰
- सिंह02:53 –05:10, 2 अक्टू॰
- कन्या05:10 –07:27, 2 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2044
शनिवार, 1 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:14 और सूर्यास्त 18:07 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 2 अक्टूबर 02:56 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 17:12 तक, फिर श्रवण; योग अतिगण्ड 08:55 तक, फिर सुकर्मा; करण तैतिल 13:51 तक, फिर गर। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:12–10:41, अभिजित मुहूर्त 11:47–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 2 अक्टूबर 02:56 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:14, नई दिल्ली)।
1 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 17:12 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा मकर राशि में 3 अक्टूबर 08:50 तक।
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:12–10:41, यमगण्ड 13:40–15:09, गुलिक काल 06:14–07:43।
नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:07, चंद्रोदय 14:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:47–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 अक्टूबर 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दशहरा (विजयादशमी)।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4822° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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