पंचांग · सोमवार, 3 अक्टूबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वादशी06:02, 4 अक्टू॰ तक
- शुक्ल त्रयोदशी06:39, 5 अक्टू॰ तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल21:46 तक
- शतभिषास्वामी राहु23:12, 4 अक्टू॰ तक
- धृति09:52 तक
- शूल09:43, 4 अक्टू॰ तक
- बव17:28 तक
- बालव06:02, 4 अक्टू॰ तक
- कौलव18:25, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:04बिंब मध्य 18:00
- चंद्रोदय
- 16:02
- चंद्रास्त
- 02:32
- दिनमान
- 11h 49m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- मकर08:50 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
- प्रातः संध्या05:02 –06:15
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
- विजय मुहूर्त14:08 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:29
- सायाह्न संध्या18:04 –19:17
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:34, 4 अक्टू॰
- अमृत काल10:29 –12:14
- राहु काल07:44 –09:13
- यमगंड10:41 –12:10
- गुलिक काल13:38 –15:07
- दुर्मुहूर्त12:33 –13:21
- दुर्मुहूर्त14:55 –15:43
- वर्ज्य05:24 –07:06, 4 अक्टू॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:15 – 07:44
- कालहानि07:44 – 09:13
- शुभशुभ09:13 – 10:41
- रोगअनिष्ट10:41 – 12:10
- उद्वेगअशुभ12:10 – 13:38
- चरसम13:38 – 15:07
- लाभलाभ15:07 – 16:36
- अमृतश्रेष्ठ16:36 – 18:04
- चरसम18:04 – 19:36
- रोगअनिष्ट19:36 – 21:07
- कालहानि21:07 – 22:39
- लाभलाभ22:39 – 00:10
- उद्वेगअशुभ00:10 – 01:42
- शुभशुभ01:42 – 03:13
- अमृतश्रेष्ठ03:13 – 04:44
- चरसम04:44 – 06:16
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:15–07:14 |
| शनि | 07:14–08:14 |
| गुरु | 08:14–09:13 |
| मंगल | 09:13–10:12 |
| सूर्य | 10:12–11:11 |
| शुक्र | 11:11–12:10 |
| बुध | 12:10–13:09 |
| चन्द्र | 13:09–14:08 |
| शनि | 14:08–15:07 |
| गुरु | 15:07–16:06 |
| मंगल | 16:06–17:05 |
| सूर्य | 17:05–18:04 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:04–19:05 |
| बुध | 19:05–20:06 |
| चन्द्र | 20:06–21:07 |
| शनि | 21:07–22:08 |
| गुरु | 22:08–23:09 |
| मंगल | 23:09–00:10 |
| सूर्य | 00:10–01:11 |
| शुक्र | 01:11–02:12 |
| बुध | 02:12–03:13 |
| चन्द्र | 03:13–04:14 |
| शनि | 04:14–05:15 |
| गुरु | 05:15–06:16 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- धनिष्ठा 2 पद08:50 तक
- धनिष्ठा 3 पद15:19 तक
- धनिष्ठा 4 पद21:46 तक
- शतभिषा 1 पद04:11, 4 अक्टू॰ तक
- शतभिषा 2 पद10:34, 4 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 49m
- रात्रिमान
- 12h 12m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 08:50 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:02, 4 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 06:02, 4 अक्टू॰ तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:15 –07:23
- रोग पंचक07:23 –09:42
- शुभ मुहूर्त09:42 –12:01
- मृत्यु पंचक12:01 –14:04
- अग्नि पंचक14:04 –15:46
- शुभ मुहूर्त15:46 –17:14
- राज पंचक17:14 –18:39
- अग्नि पंचक18:39 –20:14
- शुभ मुहूर्त20:14 –21:46
- राज पंचक21:46 –22:10
- शुभ मुहूर्त22:10 –00:25, 4 अक्टू॰
- चोर पंचक00:25 –02:45, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:45 –05:02, 4 अक्टू॰
- रोग पंचक05:02 –06:02, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त06:02 –06:16, 4 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:06 –07:23
- तुला07:23 –09:42
- वृश्चिक09:42 –12:01
- धनु12:01 –14:04
- मकर14:04 –15:46
- कुम्भ15:46 –17:14
- मीन17:14 –18:39
- मेष18:39 –20:14
- वृषभ20:14 –22:10
- मिथुन22:10 –00:25, 4 अक्टू॰
- कर्क00:25 –02:45, 4 अक्टू॰
- सिंह02:45 –05:02, 4 अक्टू॰
- कन्या05:02 –07:19, 4 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2044
सोमवार, 3 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 4 अक्टूबर 06:02 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र धनिष्ठा 21:46 तक, फिर शतभिषा; योग धृति 09:52 तक, फिर शूल; करण बव 17:28 तक, फिर बालव। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:44–09:13, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वादशी 4 अक्टूबर 06:02 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।
3 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
धनिष्ठा 21:46 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा मकर राशि में 08:50 तक।
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:44–09:13, यमगण्ड 10:41–12:10, गुलिक काल 13:38–15:07।
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 16:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4823° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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