पंचांग · शुक्रवार, 4 अप्रैल 2003नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया08:24, 5 अप्रैल तक
- भरणीस्वामी शुक्र07:42, 5 अप्रैल तक
- विष्कुम्भ23:34 तक
- प्रीति00:38, 6 अप्रैल तक
- तैतिल19:04 तक
- गर08:24, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:09बिंब मध्य 06:12
- सूर्यास्त
- 18:41बिंब मध्य 18:36
- चंद्रोदय
- 07:33
- चंद्रास्त
- 20:57
- दिनमान
- 12h 32m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- मेष14:29, 5 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2060
- शक संवत
- 1925
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:23
- प्रातः संध्या05:00 –06:09
- अभिजित मुहूर्त11:59 –12:50
- विजय मुहूर्त14:30 –15:20
- गोधूलि मुहूर्त18:41 –19:03
- सायाह्न संध्या18:41 –19:49
- निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 5 अप्रैल
- अमृत काल02:16 –04:04, 5 अप्रैल
- राहु काल10:51 –12:25
- यमगंड15:33 –17:07
- गुलिक काल07:43 –09:17
- दुर्मुहूर्त08:39 –09:29
- दुर्मुहूर्त12:50 –13:40
- वर्ज्य15:24 –17:12
चौघड़िया
- चरसम06:09 – 07:43
- लाभलाभ07:43 – 09:17
- अमृतश्रेष्ठ09:17 – 10:51
- कालहानि10:51 – 12:25
- शुभशुभ12:25 – 13:59
- रोगअनिष्ट13:59 – 15:33
- उद्वेगअशुभ15:33 – 17:07
- चरसम17:07 – 18:41
- रोगअनिष्ट18:41 – 20:06
- कालहानि20:06 – 21:32
- लाभलाभ21:32 – 22:58
- उद्वेगअशुभ22:58 – 00:24
- शुभशुभ00:24 – 01:50
- अमृतश्रेष्ठ01:50 – 03:16
- चरसम03:16 – 04:42
- रोगअनिष्ट04:42 – 06:07
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:09–07:11 |
| बुध | 07:11–08:14 |
| चन्द्र | 08:14–09:17 |
| शनि | 09:17–10:19 |
| गुरु | 10:19–11:22 |
| मंगल | 11:22–12:25 |
| सूर्य | 12:25–13:27 |
| शुक्र | 13:27–14:30 |
| बुध | 14:30–15:33 |
| चन्द्र | 15:33–16:35 |
| शनि | 16:35–17:38 |
| गुरु | 17:38–18:41 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:41–19:38 |
| सूर्य | 19:38–20:35 |
| शुक्र | 20:35–21:32 |
| बुध | 21:32–22:29 |
| चन्द्र | 22:29–23:27 |
| शनि | 23:27–00:24 |
| गुरु | 00:24–01:21 |
| मंगल | 01:21–02:18 |
| सूर्य | 02:18–03:16 |
| शुक्र | 03:16–04:13 |
| बुध | 04:13–05:10 |
| चन्द्र | 05:10–06:07 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 1 पद11:19 तक
- भरणी 2 पद18:06 तक
- भरणी 3 पद00:54, 5 अप्रैल तक
- भरणी 4 पद07:42, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 32m
- रात्रिमान
- 11h 26m
- मध्याह्न
- 12:25
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पाताल
- शिववास
- सभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:09 –08:16
- राज पंचक08:16 –10:11
- शुभ मुहूर्त10:11 –12:26
- चोर पंचक12:26 –14:46
- शुभ मुहूर्त14:46 –17:03
- रोग पंचक17:03 –19:20
- शुभ मुहूर्त19:20 –21:39
- मृत्यु पंचक21:39 –23:58
- अग्नि पंचक23:58 –02:02, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:02 –03:45, 5 अप्रैल
- राज पंचक03:45 –05:12, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:12 –06:07, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:16 –06:41
- मेष06:41 –08:16
- वृषभ08:16 –10:11
- मिथुन10:11 –12:26
- कर्क12:26 –14:46
- सिंह14:46 –17:03
- कन्या17:03 –19:20
- तुला19:20 –21:39
- वृश्चिक21:39 –23:58
- धनु23:58 –02:02, 5 अप्रैल
- मकर02:02 –03:45, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:45 –05:12, 5 अप्रैल
- मीन05:12 –06:37, 5 अप्रैल
पंचांग · नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2003
शुक्रवार, 4 अप्रैल 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:41 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 5 अप्रैल 08:24 तक; नक्षत्र भरणी 5 अप्रैल 07:42 तक; योग विष्कुम्भ 23:34 तक, फिर प्रीति; करण तैतिल 19:04 तक, फिर गर। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:51–12:25, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:50। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2060, शक संवत 1925।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2003 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 5 अप्रैल 08:24 तक (सूर्योदय 06:09, नई दिल्ली)।
4 अप्रैल 2003 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 5 अप्रैल 07:42 तक। चंद्रमा मेष राशि में 5 अप्रैल 14:29 तक।
नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2003 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:51–12:25, यमगण्ड 15:33–17:07, गुलिक काल 07:43–09:17।
नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2003 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:41, चंद्रोदय 07:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2003 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:59–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:23। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2003आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2003मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9025° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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