पंचांग · गुरुवार, 3 अप्रैल 2003नई दिल्ली

चैत्र · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2060

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:10सूर्योदय18:40सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 05:44, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
अश्विनी
04:32, 4 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1018:40
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:59 –15:32
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:10दिन18:40
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:40रात06:09
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    05:44, 4 अप्रैल तक
  2. शुक्ल तृतीया
    08:24, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अश्विनीस्वामी केतु
    04:32, 4 अप्रैल तक
  2. भरणीस्वामी शुक्र
    07:42, 5 अप्रैल तक
योग
  1. वैधृति
    22:31 तक
  2. विष्कुम्भ
    23:34, 4 अप्रैल तक
करण
  1. बालव
    16:25 तक
  2. कौलव
    05:44, 4 अप्रैल तक
  3. तैतिल
    19:04, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:10
बिंब मध्य 06:13
सूर्यास्त
18:40
बिंब मध्य 18:36
चंद्रोदय
07:03
चंद्रास्त
20:04
दिनमान
12h 30m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मेष
14:29, 5 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:24
  • प्रातः संध्या05:01 –06:10
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:03
  • सायाह्न संध्या18:40 –19:49
  • निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 4 अप्रैल
  • अमृत काल20:25 –22:13
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:59 –15:32
  • यमगंड06:10 –07:44
  • गुलिक काल09:17 –10:51
  • दुर्मुहूर्त10:20 –11:10
  • दुर्मुहूर्त15:20 –16:10
  • वर्ज्य00:01 –01:50, 4 अप्रैल
  • गंड मूल06:10 –04:32, 4 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:10 – 07:44
  • रोगअनिष्ट07:44 – 09:17
  • उद्वेगअशुभ09:17 – 10:51
  • चरसम10:51 – 12:25
  • लाभलाभ12:25 – 13:59
  • अमृतश्रेष्ठ13:59 – 15:32
  • कालहानि15:32 – 17:06
  • शुभशुभ17:06 – 18:40
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:40 – 20:06
  • चरसम20:06 – 21:32
  • रोगअनिष्ट21:32 – 22:58
  • कालहानि22:58 – 00:24
  • लाभलाभ00:24 – 01:50
  • उद्वेगअशुभ01:50 – 03:16
  • शुभशुभ03:16 – 04:43
  • अमृतश्रेष्ठ04:43 – 06:09

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:10–07:12
मंगल07:12–08:15
सूर्य08:15–09:17
शुक्र09:17–10:20
बुध10:20–11:22
चन्द्र11:22–12:25
शनि12:25–13:27
गुरु13:27–14:30
मंगल14:30–15:32
सूर्य15:32–16:35
शुक्र16:35–17:37
बुध17:37–18:40
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:40–19:37
शनि19:37–20:35
गुरु20:35–21:32
मंगल21:32–22:30
सूर्य22:30–23:27
शुक्र23:27–00:24
बुध00:24–01:22
चन्द्र01:22–02:19
शनि02:19–03:16
गुरु03:16–04:14
मंगल04:14–05:11
सूर्य05:11–06:09

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्विनी 1 पद08:14 तक
  • अश्विनी 2 पद14:59 तक
  • अश्विनी 3 पद21:45 तक
  • अश्विनी 4 पद04:32, 4 अप्रैल तक
  • भरणी 1 पद11:19, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 30m
रात्रिमान
11h 29m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्विनी · 04:32, 4 अप्रैल तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:44, 4 अप्रैल तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 05:44, 4 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:10 –06:45
  • शुभ मुहूर्त06:45 –08:20
  • मृत्यु पंचक08:20 –10:15
  • अग्नि पंचक10:15 –12:30
  • शुभ मुहूर्त12:30 –14:50
  • राज पंचक14:50 –17:07
  • शुभ मुहूर्त17:07 –19:24
  • चोर पंचक19:24 –21:43
  • शुभ मुहूर्त21:43 –00:02, 4 अप्रैल
  • रोग पंचक00:02 –02:06, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:06 –03:48, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:48 –04:32, 4 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:32 –05:16, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:16 –05:44, 4 अप्रैल
  • राज पंचक05:44 –06:09, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:20 –06:45
  • मेष06:45 –08:20
  • वृषभ08:20 –10:15
  • मिथुन10:15 –12:30
  • कर्क12:30 –14:50
  • सिंह14:50 –17:07
  • कन्या17:07 –19:24
  • तुला19:24 –21:43
  • वृश्चिक21:43 –00:02, 4 अप्रैल
  • धनु00:02 –02:06, 4 अप्रैल
  • मकर02:06 –03:48, 4 अप्रैल
  • कुम्भ03:48 –05:16, 4 अप्रैल
  • मीन05:16 –06:41, 4 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2003

गुरुवार, 3 अप्रैल 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:10 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 4 अप्रैल 05:44 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र अश्विनी 4 अप्रैल 04:32 तक, फिर भरणी; योग वैधृति 22:31 तक, फिर विष्कुम्भ; करण बालव 16:25 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:59–15:32, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2060, शक संवत 1925।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2003 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 4 अप्रैल 05:44 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 06:10, नई दिल्ली)।

3 अप्रैल 2003 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी 4 अप्रैल 04:32 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 5 अप्रैल 14:29 तक।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2003 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:59–15:32, यमगण्ड 06:10–07:44, गुलिक काल 09:17–10:51।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2003 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 07:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2003 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:24। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2003आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2003मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9025° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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