पंचांग · शनिवार, 20 अप्रैल 2030लंदन

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2087संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:54सूर्योदय20:06सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 17:40 तक
नक्षत्र
अनुराधा
00:37, 21 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5420:06
शनिवार · शनि
राहु काल
09:27 –11:14
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:54दिन20:06
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
अमृत काल
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
भद्रा
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
20:06रात05:52
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    17:40 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    14:33, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अनुराधास्वामी शनि
    00:37, 21 अप्रैल तक
  2. ज्येष्ठास्वामी बुध
    22:26, 21 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    14:32 तक
  2. वरीयान्
    10:49, 21 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    07:21 तक
  2. विष्टि
    17:40 तक
  3. बव
    04:04, 21 अप्रैल तक
  4. बालव
    14:33, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:54
बिंब मध्य 06:00
सूर्यास्त
20:06
बिंब मध्य 19:59
चंद्रोदय
23:46
चंद्रास्त
06:56
दिनमान
14h 12m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृश्चिक
22:26, 21 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:36 –05:15
  • प्रातः संध्या04:55 –05:54
  • अभिजित मुहूर्त12:32 –13:28
  • विजय मुहूर्त15:22 –16:19
  • गोधूलि मुहूर्त20:06 –20:25
  • सायाह्न संध्या20:06 –21:04
  • निशीथ मुहूर्त00:39 –01:18, 21 अप्रैल
  • अमृत काल15:19 –16:45
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:27 –11:14
  • यमगंड14:46 –16:33
  • गुलिक काल05:54 –07:41
  • दुर्मुहूर्त05:54 –06:51
  • दुर्मुहूर्त06:51 –07:48
  • वर्ज्य06:44 –08:10
  • वर्ज्य05:42 –07:09, 21 अप्रैल
  • गंड मूल00:37 –05:52, 21 अप्रैल
  • भद्रा07:21 –17:40

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:54 – 07:41
  • शुभशुभ07:41 – 09:27
  • रोगअनिष्ट09:27 – 11:14
  • उद्वेगअशुभ11:14 – 13:00
  • चरसम13:00 – 14:46
  • लाभलाभ14:46 – 16:33
  • अमृतश्रेष्ठ16:33 – 18:19
  • कालहानि18:19 – 20:06
रात
  • लाभलाभ20:06 – 21:19
  • उद्वेगअशुभ21:19 – 22:32
  • शुभशुभ22:32 – 23:46
  • अमृतश्रेष्ठ23:46 – 00:59
  • चरसम00:59 – 02:12
  • रोगअनिष्ट02:12 – 03:26
  • कालहानि03:26 – 04:39
  • लाभलाभ04:39 – 05:52

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:54–07:05
गुरु07:05–08:16
मंगल08:16–09:27
सूर्य09:27–10:38
शुक्र10:38–11:49
बुध11:49–13:00
चन्द्र13:00–14:11
शनि14:11–15:22
गुरु15:22–16:33
मंगल16:33–17:44
सूर्य17:44–18:55
शुक्र18:55–20:06
रात
ग्रहसमय
बुध20:06–20:54
चन्द्र20:54–21:43
शनि21:43–22:32
गुरु22:32–23:21
मंगल23:21–00:10
सूर्य00:10–00:59
शुक्र00:59–01:48
बुध01:48–02:37
चन्द्र02:37–03:26
शनि03:26–04:14
गुरु04:14–05:03
मंगल05:03–05:52

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अनुराधा 1 पद08:30 तक
  • अनुराधा 2 पद13:51 तक
  • अनुराधा 3 पद19:13 तक
  • अनुराधा 4 पद00:37, 21 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद06:02, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
14h 12m
रात्रिमान
9h 46m
मध्याह्न
13:00

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अनुराधा · 00:37, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 17:40 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 17:40 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:54 –06:53
  • रोग पंचक06:53 –08:30
  • शुभ मुहूर्त08:30 –10:53
  • मृत्यु पंचक10:53 –13:42
  • अग्नि पंचक13:42 –16:33
  • शुभ मुहूर्त16:33 –17:40
  • राज पंचक17:40 –19:23
  • शुभ मुहूर्त19:23 –22:13
  • चोर पंचक22:13 –00:37, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:37 –00:50, 21 अप्रैल
  • रोग पंचक00:50 –02:45, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:45 –03:59, 21 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:59 –04:53, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:53 –05:45, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:45 –05:52, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:49 –06:53
  • वृषभ06:53 –08:30
  • मिथुन08:30 –10:53
  • कर्क10:53 –13:42
  • सिंह13:42 –16:33
  • कन्या16:33 –19:23
  • तुला19:23 –22:13
  • वृश्चिक22:13 –00:50, 21 अप्रैल
  • धनु00:50 –02:45, 21 अप्रैल
  • मकर02:45 –03:59, 21 अप्रैल
  • कुम्भ03:59 –04:53, 21 अप्रैल
  • मीन04:53 –05:45, 21 अप्रैल
  • मेष05:45 –06:49, 21 अप्रैल

पंचांग · लंदन, 20 अप्रैल 2030

शनिवार, 20 अप्रैल 2030 को लंदन में सूर्योदय 05:54 और सूर्यास्त 20:06 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 17:40 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र अनुराधा 21 अप्रैल 00:37 तक, फिर ज्येष्ठा; योग व्यतीपात 14:32 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 07:21 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:27–11:14, अभिजित मुहूर्त 12:32–13:28। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लंदन में 20 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 17:40 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:54, लंदन)।

20 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

अनुराधा 21 अप्रैल 00:37 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 21 अप्रैल 22:26 तक।

लंदन में 20 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:27–11:14, यमगण्ड 14:46–16:33, गुलिक काल 05:54–07:41।

लंदन में 20 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 20:06, चंद्रोदय 23:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:32–13:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:36–05:15। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

20 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

लंदन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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