पंचांग · शुक्रवार, 19 अप्रैल 2030लंदन

चैत्र · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:56सूर्योदय20:04सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 21:06 तक
नक्षत्र
स्वाती
05:56 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5620:04
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
11:14 –13:00
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:56दिन20:04
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
20:04रात05:54
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    21:06 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    17:40, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. स्वातीस्वामी राहु
    05:56 तक
  2. विशाखास्वामी गुरु
    03:10, 20 अप्रैल तक
  3. अनुराधास्वामी शनि
    00:37, 21 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्धि
    18:30 तक
  2. व्यतीपात
    14:32, 20 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    10:53 तक
  2. गर
    21:06 तक
  3. वणिज
    07:21, 20 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:56
बिंब मध्य 06:02
सूर्यास्त
20:04
बिंब मध्य 19:58
चंद्रोदय
22:31
चंद्रास्त
06:13
दिनमान
14h 8m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
तुला
21:51 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:17
  • प्रातः संध्या04:57 –05:56
  • अभिजित मुहूर्त12:32 –13:28
  • विजय मुहूर्त15:21 –16:18
  • गोधूलि मुहूर्त20:04 –20:24
  • सायाह्न संध्या20:04 –21:03
  • निशीथ मुहूर्त00:39 –01:19, 20 अप्रैल
  • अमृत काल19:23 –20:48
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:14 –13:00
  • यमगंड16:32 –18:18
  • गुलिक काल07:42 –09:28
  • दुर्मुहूर्त08:46 –09:42
  • दुर्मुहूर्त13:28 –14:25
  • वर्ज्य10:53 –12:18

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:56 – 07:42
  • लाभलाभ07:42 – 09:28
  • अमृतश्रेष्ठ09:28 – 11:14
  • कालहानि11:14 – 13:00
  • शुभशुभ13:00 – 14:46
  • रोगअनिष्ट14:46 – 16:32
  • उद्वेगअशुभ16:32 – 18:18
  • चरसम18:18 – 20:04
रात
  • रोगअनिष्ट20:04 – 21:18
  • कालहानि21:18 – 22:32
  • लाभलाभ22:32 – 23:45
  • उद्वेगअशुभ23:45 – 00:59
  • शुभशुभ00:59 – 02:13
  • अमृतश्रेष्ठ02:13 – 03:27
  • चरसम03:27 – 04:41
  • रोगअनिष्ट04:41 – 05:54

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:56–07:07
बुध07:07–08:18
चन्द्र08:18–09:28
शनि09:28–10:39
गुरु10:39–11:50
मंगल11:50–13:00
सूर्य13:00–14:11
शुक्र14:11–15:21
बुध15:21–16:32
चन्द्र16:32–17:43
शनि17:43–18:53
गुरु18:53–20:04
रात
ग्रहसमय
मंगल20:04–20:53
सूर्य20:53–21:42
शुक्र21:42–22:32
बुध22:32–23:21
चन्द्र23:21–00:10
शनि00:10–00:59
गुरु00:59–01:48
मंगल01:48–02:38
सूर्य02:38–03:27
शुक्र03:27–04:16
बुध04:16–05:05
चन्द्र05:05–05:54

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • स्वाती 4 पद05:56 तक
  • विशाखा 1 पद11:14 तक
  • विशाखा 2 पद16:32 तक
  • विशाखा 3 पद21:51 तक
  • विशाखा 4 पद03:10, 20 अप्रैल तक
  • अनुराधा 1 पद08:30, 20 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
14h 8m
रात्रिमान
9h 50m
मध्याह्न
13:00

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 21:51 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
स्वाती · 05:56 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · 03:10, 20 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 21:51 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:06 तकआकाश
शिववास
सभा में · 21:06 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:56 –05:56
  • राज पंचक05:56 –06:57
  • शुभ मुहूर्त06:57 –08:34
  • चोर पंचक08:34 –10:57
  • शुभ मुहूर्त10:57 –13:46
  • रोग पंचक13:46 –16:36
  • शुभ मुहूर्त16:36 –19:26
  • मृत्यु पंचक19:26 –21:06
  • अग्नि पंचक21:06 –22:17
  • शुभ मुहूर्त22:17 –00:54, 20 अप्रैल
  • राज पंचक00:54 –02:49, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:49 –03:10, 20 अप्रैल
  • चोर पंचक03:10 –04:03, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:03 –04:57, 20 अप्रैल
  • रोग पंचक04:57 –05:49, 20 अप्रैल
  • चोर पंचक05:49 –05:54, 20 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:52 –06:57
  • वृषभ06:57 –08:34
  • मिथुन08:34 –10:57
  • कर्क10:57 –13:46
  • सिंह13:46 –16:36
  • कन्या16:36 –19:26
  • तुला19:26 –22:17
  • वृश्चिक22:17 –00:54, 20 अप्रैल
  • धनु00:54 –02:49, 20 अप्रैल
  • मकर02:49 –04:03, 20 अप्रैल
  • कुम्भ04:03 –04:57, 20 अप्रैल
  • मीन04:57 –05:49, 20 अप्रैल
  • मेष05:49 –06:53, 20 अप्रैल

पंचांग · लंदन, 19 अप्रैल 2030

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2030 को लंदन में सूर्योदय 05:56 और सूर्यास्त 20:04 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 21:06 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र स्वाती 05:56 तक, फिर विशाखा; योग सिद्धि 18:30 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 10:53 तक, फिर गर। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 11:14–13:00, अभिजित मुहूर्त 12:32–13:28। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लंदन में 19 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 21:06 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:56, लंदन)।

19 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती 05:56 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 21:51 तक।

लंदन में 19 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:14–13:00, यमगण्ड 16:32–18:18, गुलिक काल 07:42–09:28।

लंदन में 19 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 20:04, चंद्रोदय 22:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

19 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:32–13:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:17। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

लंदन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2803° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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