पंचांग · सोमवार, 18 अप्रैल 2022कोलकाता

चैत्र · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2079

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:14सूर्योदय17:58सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 19:24 तक
नक्षत्र
स्वाती
05:33 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:1417:58
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
06:50 –08:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:14दिन17:58
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:58रात05:13
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    19:24 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    16:39, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. स्वातीस्वामी राहु
    05:33 तक
  2. विशाखास्वामी गुरु
    03:38, 19 अप्रैल तक
  3. अनुराधास्वामी शनि
    01:39, 20 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्धि
    20:23 तक
  2. व्यतीपात
    17:01, 19 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    08:44 तक
  2. गर
    19:24 तक
  3. वणिज
    06:02, 19 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:14
बिंब मध्य 05:17
सूर्यास्त
17:58
बिंब मध्य 17:54
चंद्रोदय
19:43
चंद्रास्त
06:14
दिनमान
12h 44m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
तुला
22:08 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:44 –04:29
  • प्रातः संध्या04:07 –05:14
  • अभिजित मुहूर्त11:11 –12:02
  • विजय मुहूर्त13:43 –14:34
  • गोधूलि मुहूर्त17:58 –18:21
  • सायाह्न संध्या17:58 –19:06
  • निशीथ मुहूर्त23:13 –23:58
  • अमृत काल19:33 –21:01
इन समयों से बचें
  • राहु काल06:50 –08:25
  • यमगंड10:01 –11:36
  • गुलिक काल13:12 –14:47
  • दुर्मुहूर्त12:02 –12:52
  • दुर्मुहूर्त14:34 –15:25
  • वर्ज्य10:43 –12:11

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:14 – 06:50
  • कालहानि06:50 – 08:25
  • शुभशुभ08:25 – 10:01
  • रोगअनिष्ट10:01 – 11:36
  • उद्वेगअशुभ11:36 – 13:12
  • चरसम13:12 – 14:47
  • लाभलाभ14:47 – 16:23
  • अमृतश्रेष्ठ16:23 – 17:58
रात
  • चरसम17:58 – 19:22
  • रोगअनिष्ट19:22 – 20:47
  • कालहानि20:47 – 22:11
  • लाभलाभ22:11 – 23:36
  • उद्वेगअशुभ23:36 – 01:00
  • शुभशुभ01:00 – 02:25
  • अमृतश्रेष्ठ02:25 – 03:49
  • चरसम03:49 – 05:13

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:14–06:18
शनि06:18–07:22
गुरु07:22–08:25
मंगल08:25–09:29
सूर्य09:29–10:32
शुक्र10:32–11:36
बुध11:36–12:40
चन्द्र12:40–13:43
शनि13:43–14:47
गुरु14:47–15:51
मंगल15:51–16:54
सूर्य16:54–17:58
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:58–18:54
बुध18:54–19:51
चन्द्र19:51–20:47
शनि20:47–21:43
गुरु21:43–22:39
मंगल22:39–23:36
सूर्य23:36–00:32
शुक्र00:32–01:28
बुध01:28–02:25
चन्द्र02:25–03:21
शनि03:21–04:17
गुरु04:17–05:13

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • स्वाती 4 पद05:33 तक
  • विशाखा 1 पद11:06 तक
  • विशाखा 2 पद16:37 तक
  • विशाखा 3 पद22:08 तक
  • विशाखा 4 पद03:38, 19 अप्रैल तक
  • अनुराधा 1 पद09:09, 19 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 44m
रात्रिमान
11h 15m
मध्याह्न
11:36

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 22:08 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
स्वाती · 05:33 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · 03:38, 19 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 22:08 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:24 तकआकाश
शिववास
सभा में · 19:24 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक05:14 –05:33
  • शुभ मुहूर्त05:33 –06:46
  • मृत्यु पंचक06:46 –08:44
  • अग्नि पंचक08:44 –10:58
  • शुभ मुहूर्त10:58 –13:13
  • राज पंचक13:13 –15:25
  • शुभ मुहूर्त15:25 –17:35
  • चोर पंचक17:35 –19:24
  • शुभ मुहूर्त19:24 –19:49
  • रोग पंचक19:49 –22:05
  • शुभ मुहूर्त22:05 –00:10, 19 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक00:10 –01:57, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक01:57 –03:31, 19 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:31 –03:38, 19 अप्रैल
  • राज पंचक03:38 –05:02, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:02 –05:13, 19 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:06 –06:46
  • वृषभ06:46 –08:44
  • मिथुन08:44 –10:58
  • कर्क10:58 –13:13
  • सिंह13:13 –15:25
  • कन्या15:25 –17:35
  • तुला17:35 –19:49
  • वृश्चिक19:49 –22:05
  • धनु22:05 –00:10, 19 अप्रैल
  • मकर00:10 –01:57, 19 अप्रैल
  • कुम्भ01:57 –03:31, 19 अप्रैल
  • मीन03:31 –05:02, 19 अप्रैल
  • मेष05:02 –06:42, 19 अप्रैल

पंचांग · कोलकाता, 18 अप्रैल 2022

सोमवार, 18 अप्रैल 2022 को कोलकाता में सूर्योदय 05:14 और सूर्यास्त 17:58 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र स्वाती 05:33 तक, फिर विशाखा; योग सिद्धि 20:23 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 08:44 तक, फिर गर। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 06:50–08:25, अभिजित मुहूर्त 11:11–12:02। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोलकाता में 18 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:14, कोलकाता)।

18 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती 05:33 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 22:08 तक।

कोलकाता में 18 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 06:50–08:25, यमगण्ड 10:01–11:36, गुलिक काल 13:12–14:47।

कोलकाता में 18 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:14, सूर्यास्त 17:58, चंद्रोदय 19:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:11–12:02, ब्रह्म मुहूर्त 03:44–04:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोलकाता हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1685° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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