पंचांग · सोमवार, 3 अक्टूबर 2022जयपुर

आश्विन · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2079दुर्गा अष्टमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:20सूर्योदय18:11सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 16:38 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
00:25, 4 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2018:11
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:49 –09:18
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:20दिन18:11
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:11रात06:21
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    16:38 तक
  2. शुक्ल नवमी
    14:21, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    00:25, 4 अक्टू॰ तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    22:51, 4 अक्टू॰ तक
योग
  1. शोभन
    14:21 तक
  2. अतिगण्ड
    11:23, 4 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    16:38 तक
  2. बालव
    03:30, 4 अक्टू॰ तक
  3. कौलव
    14:21, 4 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:20
बिंब मध्य 06:23
सूर्यास्त
18:11
बिंब मध्य 18:07
चंद्रोदय
13:44
चंद्रास्त
—
दिनमान
11h 51m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
धनु
06:02, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:32
  • प्रातः संध्या05:07 –06:20
  • अभिजित मुहूर्त11:52 –12:39
  • विजय मुहूर्त14:14 –15:02
  • गोधूलि मुहूर्त18:11 –18:36
  • सायाह्न संध्या18:11 –19:24
  • निशीथ मुहूर्त23:52 –00:40, 4 अक्टू॰
  • अमृत काल19:54 –21:24
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:49 –09:18
  • यमगंड10:47 –12:16
  • गुलिक काल13:45 –15:14
  • दुर्मुहूर्त12:39 –13:27
  • दुर्मुहूर्त15:02 –15:49
  • वर्ज्य10:53 –12:24

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:20 – 07:49
  • कालहानि07:49 – 09:18
  • शुभशुभ09:18 – 10:47
  • रोगअनिष्ट10:47 – 12:16
  • उद्वेगअशुभ12:16 – 13:45
  • चरसम13:45 – 15:14
  • लाभलाभ15:14 – 16:42
  • अमृतश्रेष्ठ16:42 – 18:11
रात
  • चरसम18:11 – 19:43
  • रोगअनिष्ट19:43 – 21:14
  • कालहानि21:14 – 22:45
  • लाभलाभ22:45 – 00:16
  • उद्वेगअशुभ00:16 – 01:47
  • शुभशुभ01:47 – 03:18
  • अमृतश्रेष्ठ03:18 – 04:49
  • चरसम04:49 – 06:21

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:20–07:19
शनि07:19–08:19
गुरु08:19–09:18
मंगल09:18–10:17
सूर्य10:17–11:16
शुक्र11:16–12:16
बुध12:16–13:15
चन्द्र13:15–14:14
शनि14:14–15:14
गुरु15:14–16:13
मंगल16:13–17:12
सूर्य17:12–18:11
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:11–19:12
बुध19:12–20:13
चन्द्र20:13–21:14
शनि21:14–22:14
गुरु22:14–23:15
मंगल23:15–00:16
सूर्य00:16–01:17
शुक्र01:17–02:18
बुध02:18–03:18
चन्द्र03:18–04:19
शनि04:19–05:20
गुरु05:20–06:21

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद07:31 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद13:10 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद18:47 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद00:25, 4 अक्टू॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद06:02, 4 अक्टू॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद11:38, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 51m
रात्रिमान
12h 10m
मध्याह्न
12:16

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 06:02, 4 अक्टू॰ तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 00:25, 4 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 06:02, 4 अक्टू॰ तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:38 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 16:38 तकगौरी के साथ
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:20 –07:28
  • मृत्यु पंचक07:28 –09:46
  • अग्नि पंचक09:46 –12:04
  • शुभ मुहूर्त12:04 –14:08
  • राज पंचक14:08 –15:52
  • शुभ मुहूर्त15:52 –16:38
  • चोर पंचक16:38 –17:21
  • शुभ मुहूर्त17:21 –20:25
  • चोर पंचक20:25 –22:21
  • शुभ मुहूर्त22:21 –00:25, 4 अक्टू॰
  • रोग पंचक00:25 –00:35, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:35 –02:54, 4 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक02:54 –05:10, 4 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक05:10 –06:21, 4 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:14 –07:28
  • तुला07:28 –09:46
  • वृश्चिक09:46 –12:04
  • धनु12:04 –14:08
  • मकर14:08 –15:52
  • कुम्भ15:52 –17:21
  • मीन17:21 –18:48
  • मेष18:48 –20:25
  • वृषभ20:25 –22:21
  • मिथुन22:21 –00:35, 4 अक्टू॰
  • कर्क00:35 –02:54, 4 अक्टू॰
  • सिंह02:54 –05:10, 4 अक्टू॰
  • कन्या05:10 –07:24, 4 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 3 अक्टूबर 2022

सोमवार, 3 अक्टूबर 2022 को जयपुर में सूर्योदय 06:20 और सूर्यास्त 18:11 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 16:38 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 4 अक्टूबर 00:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शोभन 14:21 तक, फिर अतिगण्ड; करण बव 16:38 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:49–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 3 अक्टूबर 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 16:38 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:20, जयपुर)।

3 अक्टूबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 4 अक्टूबर 00:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 4 अक्टूबर 06:02 तक।

जयपुर में 3 अक्टूबर 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:49–09:18, यमगण्ड 10:47–12:16, गुलिक काल 13:45–15:14।

जयपुर में 3 अक्टूबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:11, चंद्रोदय 13:44 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अक्टूबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अक्टूबर 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

दुर्गा अष्टमी।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1749° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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