पंचांग · मंगलवार, 3 मई 2022जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया07:33, 4 मई तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र03:18, 4 मई तक
- मृगशिरास्वामी मंगल06:16, 5 मई तक
- शोभन16:15 तक
- अतिगण्ड17:07, 4 मई तक
- तैतिल18:24 तक
- गर07:33, 4 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:47बिंब मध्य 05:51
- सूर्यास्त
- 19:01बिंब मध्य 18:56
- चंद्रोदय
- 07:15
- चंद्रास्त
- 21:26
- दिनमान
- 13h 14m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- वृषभ16:46, 4 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2079
- शक संवत
- 1944
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:21 –05:04
- प्रातः संध्या04:43 –05:47
- अभिजित मुहूर्त11:58 –12:50
- विजय मुहूर्त14:36 –15:29
- गोधूलि मुहूर्त19:01 –19:22
- सायाह्न संध्या19:01 –20:05
- निशीथ मुहूर्त00:02 –00:45, 4 मई
- अमृत काल23:44 –01:31, 4 मई
- राहु काल15:42 –17:21
- यमगंड09:06 –10:45
- गुलिक काल12:24 –14:03
- दुर्मुहूर्त08:26 –09:19
- दुर्मुहूर्त23:19 –00:02, 4 मई
- वर्ज्य18:23 –20:10
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:47 – 07:26
- उद्वेगअशुभ07:26 – 09:06
- चरसम09:06 – 10:45
- लाभलाभ10:45 – 12:24
- अमृतश्रेष्ठ12:24 – 14:03
- कालहानि14:03 – 15:42
- शुभशुभ15:42 – 17:21
- रोगअनिष्ट17:21 – 19:01
- कालहानि19:01 – 20:21
- लाभलाभ20:21 – 21:42
- उद्वेगअशुभ21:42 – 23:03
- शुभशुभ23:03 – 00:24
- अमृतश्रेष्ठ00:24 – 01:44
- चरसम01:44 – 03:05
- रोगअनिष्ट03:05 – 04:26
- कालहानि04:26 – 05:46
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:47–06:53 |
| सूर्य | 06:53–07:59 |
| शुक्र | 07:59–09:06 |
| बुध | 09:06–10:12 |
| चन्द्र | 10:12–11:18 |
| शनि | 11:18–12:24 |
| गुरु | 12:24–13:30 |
| मंगल | 13:30–14:36 |
| सूर्य | 14:36–15:42 |
| शुक्र | 15:42–16:48 |
| बुध | 16:48–17:55 |
| चन्द्र | 17:55–19:01 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 19:01–19:54 |
| गुरु | 19:54–20:48 |
| मंगल | 20:48–21:42 |
| सूर्य | 21:42–22:36 |
| शुक्र | 22:36–23:30 |
| बुध | 23:30–00:24 |
| चन्द्र | 00:24–01:17 |
| शनि | 01:17–02:11 |
| गुरु | 02:11–03:05 |
| मंगल | 03:05–03:59 |
| सूर्य | 03:59–04:53 |
| शुक्र | 04:53–05:46 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 1 पद07:13 तक
- रोहिणी 2 पद13:53 तक
- रोहिणी 3 पद20:35 तक
- रोहिणी 4 पद03:18, 4 मई तक
- मृगशिरा 1 पद10:01, 4 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 14m
- रात्रिमान
- 10h 45m
- मध्याह्न
- 12:24
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:47 –06:30
- शुभ मुहूर्त06:30 –08:26
- राज पंचक08:26 –10:41
- शुभ मुहूर्त10:41 –13:00
- चोर पंचक13:00 –15:15
- शुभ मुहूर्त15:15 –17:30
- रोग पंचक17:30 –19:48
- शुभ मुहूर्त19:48 –22:05
- मृत्यु पंचक22:05 –00:10, 4 मई
- अग्नि पंचक00:10 –01:53, 4 मई
- शुभ मुहूर्त01:53 –03:18, 4 मई
- राज पंचक03:18 –03:23, 4 मई
- शुभ मुहूर्त03:23 –05:46, 4 मई
उदय लग्न
- मेष04:53 –06:30
- वृषभ06:30 –08:26
- मिथुन08:26 –10:41
- कर्क10:41 –13:00
- सिंह13:00 –15:15
- कन्या15:15 –17:30
- तुला17:30 –19:48
- वृश्चिक19:48 –22:05
- धनु22:05 –00:10, 4 मई
- मकर00:10 –01:53, 4 मई
- कुम्भ01:53 –03:23, 4 मई
- मीन03:23 –04:49, 4 मई
- मेष04:49 –06:26, 4 मई
पंचांग · जयपुर, 3 मई 2022
मंगलवार, 3 मई 2022 को जयपुर में सूर्योदय 05:47 और सूर्यास्त 19:01 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 4 मई 07:33 तक; नक्षत्र रोहिणी 4 मई 03:18 तक, फिर मृगशिरा; योग शोभन 16:15 तक, फिर अतिगण्ड; करण तैतिल 18:24 तक, फिर गर। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:42–17:21, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:50। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 3 मई 2022 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 4 मई 07:33 तक (सूर्योदय 05:47, जयपुर)।
3 मई 2022 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 4 मई 03:18 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 4 मई 16:46 तक।
जयपुर में 3 मई 2022 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:42–17:21, यमगण्ड 09:06–10:45, गुलिक काल 12:24–14:03।
जयपुर में 3 मई 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 19:01, चंद्रोदय 07:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 मई 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:58–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:21–05:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
3 मई 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
अक्षय तृतीया।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर मई 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1691° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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